Rapid Rail Meerut Delhi: मेरठ और दिल्ली के बीच सफर करने वालों के लिए एक ऐतिहासिक घड़ी आ गई है। दशकों से जिस तेज और आरामदायक सफर का सपना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग देख रहे थे, वह 22 फरवरी 2026 को सच होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिन नमो भारत रैपिड रेल के अंतिम खंड और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही दिल्ली से मेरठ की दूरी सिमटकर महज एक घंटे से भी कम रह जाएगी।
दिल्ली से मेरठ अब 57 मिनट में
नमो भारत ट्रेन का 82 किलोमीटर लंबा पूरा कॉरिडोर अब जनता के लिए खुल जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेन दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक चल रही है, लेकिन 22 फरवरी के बाद यह सराय काले खां (दिल्ली) से शुरू होकर मेरठ के मोदीपुरम तक अपनी पूरी रफ्तार भरेगी। ट्रायल के दौरान यह ट्रेन सराय काले खां से मोदीपुरम के बीच की दूरी मात्र 57 मिनट में तय कर रही है, जो सड़क मार्ग के मुकाबले समय की भारी बचत है।
एक ही पटरी पर दौड़ेगी मेट्रो और रैपिड रेल
मेरठ के निवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात यह है कि जिस ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन चलेगी, उसी पर मेरठ मेट्रो भी दौड़ेगी। मेरठ के भीतर 23 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जो कुल 13 स्टेशनों पर रुकेगी। नमो भारत जहां 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, वहीं मेरठ मेट्रो 120 किमी प्रति घंटे की गति से शहर के भीतर परिवहन को सुगम बनाएगी। मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, बेगमपुल और मोदीपुरम ऐसे स्टेशन होंगे जहां यात्री मेट्रो और रैपिड रेल के बीच आसानी से अदला-बदली कर सकेंगे।
अटल टाउनशिप और प्रधानमंत्री की मेगा रैली
उद्घाटन समारोह केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी मोहिउद्दीनपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। खास बात यह है कि यह रैली उसी स्थान पर आयोजित की जा रही है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक आधुनिक 'न्यू टाउनशिप' विकसित करने की योजना है। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन स्थल और स्टेशनों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।
कहां रुकेगी कौन सी ट्रेन?
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों का विभाजन स्पष्ट किया गया है। मेरठ साउथ, शताब्दीनगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत और मेट्रो दोनों रुकेंगी। वहीं, परतापुर, रिठानी, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, एमईएस, डोरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम डिपो जैसे स्टेशनों पर केवल मेरठ मेट्रो की सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस व्यवस्था से लंबी दूरी और शहर के भीतर यात्रा करने वाले दोनों तरह के यात्रियों को फायदा होगा।
