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सैकड़ों छात्र, लेट ट्रेनें फिर जमकर हुई पत्थरबाजी... पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर आधी रात को क्यों भड़के अभ्यर्थी; चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देने आए छात्रों का गुस्सा बीती रात हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। एक चश्मदीद ने बताया कि कैसे दुकानों में पथराव हुआ और लोग जान बचाकर भागे।

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चश्मदीद ने बताया क्यों भड़का अभ्यर्थियों का गुस्सा

Photo : ANI

Patna News: राजधानी पटना का पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन शनिवार की देर रात अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए हजारों अभ्यर्थियों का गुस्सा ट्रेनों की कमी, लेटी-लतीफी और परीक्षा केंद्रों की अत्यधिक दूरी को लेकर इस कदर फूटा कि देखते ही देखते पूरा स्टेशन परिसर हिंसक प्रदर्शन की चपेट में आ गया। इस भीषण बवाल के बीच स्टेशन पर दुकान चलाने वाले स्थानीय लोग और आम यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल

घटनास्थल पर मौजूद और इस पूरे खौफनाक मंजर को बेहद करीब से देखने वाले स्थानीय दुकानदार संजय कुमार शर्मा ने पूर् घटना की हकीकत बयां करते हुए ANI को बताया कि शुरुआत में छात्रों ने रेलवे ट्रैक को पूरी तरह जाम कर दिया था और ट्रेनों को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। जब प्रशासन की टीम इस नाकेबंदी को हटाने के लिए पहुंची, तो भीड़ टस से मस नहीं हुई। इसी बीच अचानक माहौल बिगड़ गया, भारी शोर-शराबा हुआ और देखते ही देखते हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस बवाल का अंजाम आप खुद मेरी दुकान के सामने देख सकते हैं। उपद्रवियों ने मेरी दुकान तोड़ दी है, भीतर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए हैं। मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागा। छात्र बेहद आक्रोशित थे और उनकी तादाद हजारों में थी। वे परीक्षा देने आए थे, लेकिन छात्र ज्यादा थे और ट्रेनें बेहद कम, जिसकी वजह से उनका गुस्सा भड़क गया।

एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़, ट्रैक पर लेटे अभ्यर्थी

दरअसल, मद्य निषेध विभाग की परीक्षा दो पालियों में आयोजित होनी थी, जिसके लिए राज्य के कोने-कोने से हजारों छात्र रात में ही पाटलिपुत्र स्टेशन पर जुटने लगे थे। इसी बीच ट्रेनों के लेट होने के कारण छात्रों में परीक्षा छूटने का डर बैठ गया। जैसे ही पाटलिपुत्र-कटिहार एग्जाम स्पेशल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, अफरा-तफरी मच गई। नाराज अभ्यर्थी रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पटरियों पर लेट गए और परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे। छात्रों के इस उग्र कदम के कारण रेल सेवा पूरी तरह ठप हो गई। पटना से गुजरने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस सहित कई मुख्य ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा, जबकि कई अन्य ट्रेनों के रूट डायवर्ट करने पड़े।

पिस्तौल हाथ में लेकर मोर्चा संभालते दिखे घायल रेल IG

बवाल की सूचना मिलते ही रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल एसपी, आरपीएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और शांत कराने की बेहद कोशिश की, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर ही पथराव शुरू कर दिया।

इस भारी पथराव में रेल आईजी जितेंद्र राणा खुद घायल हो गए। इसके अलावा कई थानों के अध्यक्ष और पुलिस के जवान भी चोटिल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति को बेकाबू होते देख घायल रेल IG जितेंद्र राणा ने खुद हाथ में पिस्तौल लेकर मोर्चा संभाला और पुलिस बल का नेतृत्व किया। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, आंसू गैस के गोले दागने पड़े और चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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