पटना

पटना में बन रहे इस 4 लेन से आवाजाही होगी आसान, कनेक्टिविटी बेहतर होने से रफ्तार भी बढ़ेगी

पटना में ढांचागत विकास तेजी से हो रहा है। जेपी गंगा पथ का निर्माण हो चुका है और अब रिंग रोड का निर्माण जारी है। दनियावां से रामनगर के बीच 7.65 किमी लंबी सड़क को 2 लेन से 4 लेन में बदलने का प्रस्ताव है। यह सड़क रामनगर से कच्ची दरगाह और विद्युत पुर के बीच बनने वाले रिंग रोड से जुड़ जाएगी, जिससे फतुहा, संपतचक, गौरीचक, बेलदारी आदि क्षेत्रों में जाम से मुक्ति मिलेगी।

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पटना रिंग रोड से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

Photo : Twitter

बिहार की राजधानी पटना ढांचागत सरचना का लगातार विकास हो रहा है। यहां केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ ही राज्य सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की कई योजनाएं ला रही है। इसके तहत राज्य सरकार की तरफ से राशि का आवंटन भी हो रहा है।

बिहार की राजधानी पटना में जेपी गंगा पथ का निर्माण हो चुका है। अब राजधानी में रिंग रोड का निर्माण कार्य जारी है। पटना जिले के ही दनियावां से रामनगर के बीच 2 लेन को 4 लेन में बदलने का भी प्रस्ताव है। बता दें कि दनियावां से रामनगर के बीच 7.65 किमी लंबी सड़क है, जिसे 4 लेन किया जाना है और इसका इस्टीमेट तैयार कर विभाग को भेज दी गई है।

यह सड़क रामनगर से कच्ची दरगाह और कच्ची दरगाह से विद्युत पुर के बीच बनने वाले पटना रिंग रोड से भी जुड़ जाएगी। इससे पटना जिले के फतुहा, संपतचक, गौरीचक, बेलदारी तक सहित कई अन्य जगहों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। जाम के जाम से मुक्ति मिलने पर लोगों का सफर आसान हो जाएगा और राजधानी पटना से कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।

दनियावां से रामनगर के बीच फोर लेन बनने और रिंग रोड के निर्माण से आम लोगों को कई तरह से लाभ होगा। इन दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने से लोग सीधे रिंग रोड से रामनगर-दनियावां के रास्ते NH-30A पर पहुंच जाएंगे। यह मार्ग दनियावां से माधोपुर होते हुए चांदी के रास्ते बिहार शरीफ तक जाता है।

इस रूस से लोग शेखपुरा, जमुई के रास्ते झारकंड तक का भी सफर कर सकते हैं। सड़क के चौड़ीकरण और रिंग रोड बनने से पटना शहर से लगे इलाकों में जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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