CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी में संसद से लेकर सड़कों पर पेपर लीक का मुद्दा गूंज रहा है। एक तरफ, शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली में हजारों की संख्या में देशभर से आए छात्र जंतर-मंतर पर एकजुट हैं, तो दूसरी तरफ विपक्षी दल भी छात्रों के साथ एकजुट नजर आ रहे हैं। इस बीच, एक अहम जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि विपक्षी दलों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिलने जाएगा। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सोनम की भूख हड़ताल जारी
सोनम वांगचुक की पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल जारी है। ऐसे में विपक्षी सांसद उन्हें भूख हड़ताल को खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सोनम वांगचुक को यह भरोसा दिलाएंगे कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा।
कौन-कौन जाएगा मिलने
सूत्रों के मुताबिक, सोनम वांगचुक से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष और माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास शामिल होंगे। इससे पहले, वांगचुक ने कहा था कि अगर सांसद और राजनीतिक पार्टियों के नेता उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में उठाया जाएगा, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद, सोनम वांगचुक ने घोषणा की कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: पेपर लीक पर पटना में बवाल! राजभवन की तरफ बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने रोका, पथराव होने पर दागे आंसू गैस के गोले
क्या है छात्रों की मांग
सनद रहे कि सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन में 28 जून को हिस्सा लिया और उन छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सोनम को मेदांता किया गया शिफ्ट
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। हालांकि, उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।
