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अहमदाबाद के बुनियादी ढांचे ने भारत की 2030 खेलेां की मेजबानी सुनिश्चित की: कॉमनवेल्थ गेम्स सीईओ

CWG 2030: राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ स्पोर्ट) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैटी सैडलियर ने कहा कि अहमदाबाद के पहले से तैयार विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे ने 2030 में होने वाले 100वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार भारत को दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत (file photo)

Photo : AP

राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ स्पोर्ट) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैटी सैडलियर ने कहा कि अहमदाबाद के पहले से तैयार विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे ने 2030 में होने वाले 100वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार भारत को दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारत की यह बोली संचालन संस्था के संशोधित कम-लागत वाले 'मेजबानी मॉडल' के साथ पूरी तरह मेल खाती थी। भारत को नवंबर पिछले वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार प्रदान किया गया था।

यह फैसला ’कॉमनवेल्थ स्पोर्ट’(पूर्व में राष्ट्रमंडल खेल महासंघ) द्वारा ’गेम्स रीसेट’ मॉडल अपनाने के बाद लिया गया जिसका उद्देश्य आयोजन की लागत कम करना था क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य ने बढ़ती लागत के कारण 2026 खेलों की मेजबानी से अपना नाम वापस ले लिया था।

सैडलियर ने पीटीआई से कहा, "हमारे लिए यह सौभाग्य की बात थी कि हमारे दो सबसे बड़े सदस्य देशों (भारत और नाइजीरिया) ने 2030 के लिए रुचि दिखाई।" उन्होंने कहा, "भारत में उपलब्ध सुविधाएं शानदार थीं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वे पहले से मौजूद थीं। इसलिए हमें नयी सुविधाएं बनाने की जरूरत नहीं थी। विश्वस्तरीय सुविधाएं तैयार करने के लिए बनाने के लिए सरकार का निवेश वाकई बेहतरीन था।"

साथ ही उन्होंने कहा, "जिस तरह की टीम उन्होंने बनाई और जिस प्रकार सभी एकजुट होकर यह दिखा रहे थे कि इन खेलों की मेजबानी उनके लिए, भारत सरकार के लिए और देश के लोगों के लिए कितनी मायने रखती है, उसने हमें बेहद प्रभावित किया।" सैडलियर ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के प्रति भारत का उत्साह भी मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू रहा।

हालांकि भारत खेलों की महाशक्ति नहीं है, फिर भी राष्ट्रमंडल खेलों के सर्वकालिक पदक तालिका में वह ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर है। भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी दावेदारी कर रहा है।

सैडलियर ने कहा, "भारतीय खिलाड़ी चैंपियन हैं, महान खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी ऐसे देश को देखना जिसकी आकांक्षा राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक दोनों की मेजबानी करने की हो, बेहद आकर्षक है। इससे पता चलता है कि वह खेलों के विकास को लेकर वास्तव में गंभीर है।"

2030 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पारंपरिक खेल विरासत भी प्रदर्शित होने की उम्मीद है। पहली बार कई स्वदेशी खेलों को प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। कबड्डी, खो-खो, मल्लखंभ और योगासन उन खेलों में शामिल हैं।

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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