दिल्ली सरकार लाल डोरा गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी पहल कर रही है। सरकार इन इलाकों की संपत्तियों का रिकॉर्ड डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद पात्र निवासियों को स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड दिए जाएंगे, जिससे संपत्ति का प्रमाणित रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने की परियोजना की समीक्षा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्व विभाग के साथ स्वामित्व योजना (SVAMITVA- Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैठक के दौरान अधिकारियों को काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
क्या है इस योजना का उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि लाल डोरा क्षेत्रों में लंबे समय से संपत्तियों का कोई प्रमाणित और व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे मालिकों को अपनी संपत्ति का आधिकारिक दस्तावेज (Official document) मिल सके।
लोगों को क्या होगा फायदा?
स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे जमीन और मकान से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है। साथ ही सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों में भी लोगों को सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह पहल लाल डोरा गांवों में रहने वाले लोगों के लिए संपत्ति रिकॉर्ड को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड में क्या होगा खास?
दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड में एक क्यूआर कोड दिया जाएगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति का डिजिटल फॉर्म-13 खुल जाएगा। इसमें संपत्ति से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। कार्ड के जरिए मालिक का नाम, संपत्ति में हिस्सेदारी, क्षेत्रफल, नक्शा, सीमाएं, खसरा नंबर, सह-स्वामियों का विवरण, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर और वैध कब्जा प्रमाणपत्र जैसी जानकारियां आसानी से देखी जा सकेंगी।
कैसे तैयार किया जाता है प्रॉपर्टी रिकॉर्ड?
इस योजना के तहत सबसे पहले संबंधित क्षेत्र की सीमा का निर्धारित की जाती है। इसके बाद ड्रोन तकनीक की मदद से पूरे इलाके का सर्वे कराया जाता है। सर्वे के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर ड्रोन से तैयार नक्शे और आंकड़ों का सत्यापन करते हैं। यदि किसी तरह की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है तो उसे पहले ठीक किया जाता है। सभी जानकारियां सत्यापित होने के बाद प्रत्येक संपत्ति को एक यूनिक प्रॉपर्टी आईडी दी जाती है, जिसके आधार पर स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाता है। आगे चलकर इस पूरे रिकॉर्ड को दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) से रियल टाइम में जोड़ा जाएगा, जिससे संपत्ति संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से हमेशा अपडेट रहेगी।
