पटना

Bihar: तेजस्वी का पूर्णिया GMCH पर छापा; औचक निरीक्षण देखी व्यवस्था की बदहाली, सरकार को जमकर कोसा

बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी कड़ी में राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) का शनिवार देर रात औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की हालत देखकर वे भड़क उठे और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार केवल इमारतें खड़ी कर रही है, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति नहीं की जा रही।

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निरीक्षण के दौरान मरीज से बात करते तेजस्वी

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और इसी को लेकर पार्टियां पूरे जोर शोर से कर रही हैं। एक के बाद एक आ रही सरकारी योजनाएं और नीतियां हों या विपक्ष की रैली, जनता के बीच अपनी लोकप्रियता पुख्ता करने के प्रयासों में कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता। लेकिन अफसोस की बात है कि ये सारी कोशिशें केवल चुनाव तक के लिए ही सीमित रह जाती हैं और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी कोई खास ध्यान नहीं जाता। इसका ताजा उदाहरण दिखा पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMHC) में। शनिवार देर रात राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार पूर्णिया के GMHC पर छापा मार कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्हें भयानक गड़बड़ियां मिलीं। इसको लेकर उन्होंने बिहार सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर जमकर हमला बोला।

क्या कहा तेजस्वी ने

अस्पताल की बदहाली पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि एनडीए सरकार के भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार में कमीशन खाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर केवल बिल्डिंग बनाते हैं, लेकिन डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, लैब टेक्निशियन, ड्रेसर और असिस्टेंट की नियुक्ति नहीं करते।

सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के औचक निरीक्षण का वीडियो शेयर किया। उन्होंने अस्पताल की बदहाली को लेकर बिहार सरकार से सवाल भी किया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "कल देर रात्रि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया। वीडियो में 20 सालों की एनडीए सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक छोटी सी बानगी देखिए। यह बदहाली किसी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नहीं, बल्कि तथाकथित मेडिकल कॉलेज की है। इसका आंखों देखा हाल जानिए और इस जुमलेबाज निकम्मी सरकार के अमंगलकारी स्वास्थ्य मंत्री को लानत भेजिए।"

GMCH में नहीं है ICU

तेजस्वी यादव ने अस्पताल की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, "यह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल है, लेकिन यहां आईसीयू नहीं है। ट्रॉमा सेंटर चालू नहीं है। कार्डियोलॉजी यानि हृदय रोग विभाग है ही नहीं। एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटा रखे हैं। 15-20 दिन में भी मरीजों की बेडशीट नहीं बदली जाती। हड्डी रोग से संबंधित और विकलांग शल्य चिकित्सा से संबंधित मरीजों के लिए शौचालय दो फीट ऊंचा है। साफ-सफाई बिल्कुल भी नहीं है। GMCH, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल है लेकिन यहां नर्स के स्वीकृत 255 पदों में से केवल 55 नर्स ही कार्यरत है, वो भी तीन शिफ्ट में यानि एक बार में केवल 18 नर्स ही ड्यूटी पर रहती हैं। छुट्टी पर रहेंगी तो उससे भी कम।"

80 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली

और भी अव्यवस्थाओं को गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि, "GMCH में 80 प्रतिशत चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं है। पूरे कॉलेज और हॉस्पिटल में केवल चार ओटी सहायक हैं। 23 विभाग में से अनेक विभाग बंद हैं। प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर नाम मात्र हैं। मेडिकल इंटर्न को 6 महीनों से सैलरी नहीं मिली है। सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्वास्थ्य उपकरण, स्वास्थ्य सेवा और सुविधा के अभाव में पूर्णिया के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 10,000 मरीज जाते हैं। एनडीए सरकार के भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार में कमीशन खाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर केवल बिल्डिंग बनाते हैं, लेकिन डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी, लैब टेक्निशियन, ड्रेसर, असिस्टेंट इत्यादि की नियुक्ति नहीं करते। कमीशन के लिए हजारों करोड़ के स्वास्थ्य उपकरण खरीदते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए टेक्निशियन की बहाली नहीं करते।"

केंद्र पर भी साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की पूर्णिया यात्रा पर कहा कि उन्हें बिहार की अपनी 20 सालों और केंद्र की 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार की बड़ी-बड़ी खामियां नहीं दिखेंगी? बिहार में 20 वर्षों की एनडीए सरकार के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, एनडीए सरकार की विफलताओं, इलाज के नाम पर गरीबों से लूट, बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था तथा डबल इंजन के डबल जंगलराज पर प्रवचन अवश्य देंगे। कल पूर्णिया के इस मेडिकल कॉलेज में जरूर जाइएगा और 2005 के बाद वाले मुख्यमंत्री को भी अवश्य लेकर जाइएगा, नहीं तो वो कहेंगे कि 2005 से पहले कुछ था जी?"

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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