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Patna Airport: बीएमपी-5 हाईस्कूल भवन को तोड़कर पटना एयरपोर्ट के रनवे के समानांतर बनेगा टैक्सी ट्रैक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 22, 2023, 01:00 PM IST

Patna Airport Taxi Track: पटना एयरपोर्ट पर सुविधा विस्तार के लिए कवायद फिर तेज हो गई है। एयरपोर्ट के रनवे के समानांतर टैक्सी ट्रैक बनवाने के लिए प्रबंधन ने फिर कार्यवाही शुरू की है। इसके तहत बीएमपी-5 स्कूल के भवन को तोड़ा जाना है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने स्थल निरीक्षण भी किया है। बहुत जल्द भवन को तोड़ा जाने लगेगा। इसके बाद टैक्सी ट्रैक बनना शुरू होगा।

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पटना एयरपोर्ट के रनवे के समानांतर बनेगा टैक्सी ट्रैक

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • बीएमपी-5 हाईस्कूल के 10 कमरों का भवन तोड़ा जाएगा
  • मैट्रिक और इंटर परीक्षा के बाद ध्वस्त किया जाएगा भवन
  • कैंपस के दूसरे हिस्से में बनाया जाएगा नया भवन


Patna News: पटना एयरपोर्ट पर नए साल में रनवे के समानांत टैक्सी ट्रैक बन जाएगा। इसके निर्माण में बीएमपी-5 हाईस्कूल का भवन रोड़ा बन रहा है। इस स्कूल के 10 कमरों को ध्वस्त करने के बाद ही टैक्सी ट्रैक का निर्माण शुरू हो सकेगा। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने स्थल निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा समाप्त होने के बाद 10 कमरों वाले इस भवन को हटाया जाए। इसके साथ ही कैंपस के दूसरे भाग में नया भवन बनवाया जाएगा। इससे बच्चों को पठन-पाठन में परेशानी नहीं होगी।

दरअसल, एयरपोर्ट पर रनवे के समानांतर टैक्सी ट्रैक बनाने समेत अन्य विकास कार्य के लिए बीएमपी-5 की 1.5 एकड़ जमीन, परिवहन विभाग की 1.5 एकड़ जमीन और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की 19 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। पटना एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भवन अगले साल बन जाएगा। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों की क्षमता बढ़कर 80 लाख हो जाएगी।

टैक्सी ट्रैक बनने से ऑक्यूपेंसी टाइम होगा कम

रनवे के समानांतर टैक्सी ट्रैक बन जाने के बाद रनवे पर ऑक्यूपेंसी टाइम कम होगा। फ्लाइट की लैंडिंग के बाद रनवे के बगल स्थित टैक्सी ट्रैक में फ्लाइट चली जाएगी। इससे रनवे हमेशा खाली रहेगा। ऐसे में अधिक से अधिक फ्लाइट का ऑपरेशन हो पाएगा। इसके साथ ही किसी फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की स्थिति में उसे फौरन रनवे पर लैंड किया जा सकेगा।

1216 करोड़ रुपए से बनाया जा रहा टर्मिनल

एयरपोर्ट टर्मिनल मार्च 2024 में बन जाएगा। टर्मिनल 1216 करोड़ रुपए से बनाया जा रहा है। निर्माण 2018 के अक्टूबर में शुरू हुआ था। टर्मिनल 60 प्रतिशत बन गया है। इस टर्मिनल भवन में पांच एरोब्रिज होंगे। अभी फ्लाइट के लिए 6 पार्किंग हैं। टर्मिनल बनने के बाद यह 11 हो जाएगी। जी प्लस 5 मल्टीलेवल पार्किंग 95 प्रतिशत बन गई है। तीसरे फ्लोर से यात्री लिंक ब्रिज होकर जी प्लस 2 टर्मिनल भवन के टॉप फ्लोर यानी डिपार्चर में आएंगे। इसके बाद एयरोब्रिज से सीधा फ्लाइट में बैठ सकेंगे। टेक्निकल भवन का 90 प्रतिशत काम हो गया है। भवन में एटीसी, कम्यूनिकेशन, सर्विलांस कार्गो एवं फायर स्टेशन यूनिट होगी। यह भवन जी प्लस 3 रहेगा। 10 किलो मीट्रिक टन कार्गो यूनिट की क्षमता है। टर्मिनल भवन के बेसमेंट में बैगेज, सब स्टेशन, एसी प्लांट होगा। टर्मिनल भवन का कुल क्षेत्र 65155 वर्गमीटर है। पीक ऑवर में मल्टीलेवल पार्किंग के हर फ्लोर पर 150 गाड़ियां खड़ी हो पाएंगी। मतलब एक समय में 750 गाड़ियां खड़ी होंगी।
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