पटना

Rohtas News: दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर चार दिन से लगा 40 KM लंबा जाम, भूख-प्यास से ट्रक ड्राइवर बेहाल

बिहार में रोहतास जिले के एनएच-19 (दिल्ली-कोलकाता हाईवे) पर चार दिनों से 40 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लगा हुआ है। यहां हजारों वाहन फंसे हुए हैं और ट्रक ड्राइवर भूख-प्यास से बेहाल हैं। प्रशासन और NHAI की लापरवाही से हालात और बिगड़ रहे हैं। जाम अब औरंगाबाद जिले तक पहुंच गया है।

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दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर 4 दिन से लगा है जाम

रोहतास जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 19 (दिल्ली कोलकाता हाईवे) पर शनिवार चार अक्टूबर से जाम का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। सड़क जाम के चलते वाहनों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ रहा है और ड्राइवर भूखे प्यासे बेहाल हैं। उन्हें पांच दिनों से किसी तरह की कोई राहत नहीं है और चंद किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का समय लग रहा है। वहीं जाम से निजात दिलाने के लिए न तो स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है और न ही एनएचएआइ व सड़क निर्माण कंपनी इसकी सुध ले रहे हैं।

रोहतास जिले के सासाराम स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर ट्रैफिक जाम की स्थिति आज पांचवे दिन भी बनी हुई है। हालांकि, कल की तुलना में जाम कुछ कम हुआ है, फिर भी करीब 7 किलोमीटर लंबी लाइन में ट्रक और गाड़ियां फंसी हुई हैं।

औरंगाबाद जिले तक पहुंच गया जाम

नेशनल हाईवे नंबर 19 पर बीते चार दिनों से लगा जाम अब रोहतास जिले से लेकर औरंगाबाद जिले तक पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि 24 घंटे में गाड़ियां मात्र पांच किलोमीटर रास्ता ही तय कर पा रही हैं। भीषण जाम में हजारों गाड़ियां फंसी हुई हैं और दूर-दूर तक सड़क पर ट्रक ही ट्रक खड़े दिखाई दे रहे हैं।

ड्राइवरों की परेशानियां चरम पर

सड़क जाम में फंसे एक ड्राइवर प्रवीण सिंह ने मंगलवार को बताया कि पिछले 30 घंटे में उन्होंने सिर्फ 7 किलोमीटर का रास्ता तय किया है। टोल टैक्स, रोड टैक्स आदि देने के बाद भी हमें कई कई घंटों तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर न तो एनएचएआइ के कर्मी दिखते हैं और न ही स्थानीय प्रशासन नजर आता है। वहीं दिल्ली जा रहे ट्रक ड्राइवर संजय ने बताया कि 2 दिन से सड़क जाम में फंसे हैं और भूख-प्यास से हाल-बेहाल है। चंद किलोमीटर का फासला तय करने में भी घंटों का समय लग रहा है।

बिजनेस पर पड़ रहा बुरा असर

इस भारी सड़क जाम के कारण बिजनेस पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। कच्चे खाद्य पदार्थों को लेकर जा रहे वाहन चालक इस भीषण जाम से भयभीत हैं और उन्हें कच्चे सामानों के नुकसान की चिंता सता रही है। इसके अलावा आम राहगीर, एंबुलेंस, आपातकालीन सेवा एवं पर्यटकों की गाड़ियों को भी इस भीषण जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नहीं आए सामने

हालांकि, सड़क जाम के संबंध में जब NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत वर्मा से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे पर आने से साफ मना कर दिया। वे कभी रोहतास तो कभी औरंगाबाद होने की बात करते रहे और सड़क जाम को लेकर कुछ भी नहीं कहा।

Utkarsh Singh
उत्कर्ष सिंहauthor

मैं पिछले 16 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। देश के बड़े मीडिया हाउस में पत्रकारिता का अनुभव रहा है। जीवन में कई महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक करने से लेकर उसे लोगों तक पहुंचाया है। पत्रकारिता मेरे लिए एक जूनून है और सही खबरों को लोगों तक पहुंचाना मेरा पेशा।

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