Red Alert In Bihar: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ती तनातनी दिख रही है। दूसरी तरफ नेपाल बॉर्डर पर भी सख्ती बरती जा रही है। मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश के बहराइच में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया जो सेना की वर्दी में नेपाल बॉर्डर के पास घूम रहे थे। सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। इधर बिहार में भी बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने रेड अलर्ट जारी किया है। वैसे तो यह पूरे बिहार के लिए है लेकिन खास कर नेपाल के सीमावर्ती जिलों को चौबीस घंटे चौकसी बरतने की हिदायत मिली है।
क्या है पोरस बॉर्डर
बिहार से भारत-नेपाल बॉर्डर का 729 किलोमीटर का इलाका लगता है। जिसमें से लगभग 440 किलोमीटर का इलाका पोरस बॉर्डर का है। जो पश्चिम चंपारण, पूर्वीचंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में फैला है। पोरस बॉर्डर पश्चिम चंपारण में मदनपुर से शुरू होकर पूर्वी चंपारण के रक्सौल, सीतामढ़ी के बैरगनियां सोनबरसा होते हुए मधुबनी जिले के जयनगर, सुपौल में बीरपुर, अररिया में सकटी होते हुए किशनगंज के गलगलिया तक फैला हुआ है।
क्यों खास है पोरस बॉर्डर
दरअसल पोरस बॉर्डर ऐसा इलाका है कि जिसके रास्ते कई लोग भारत में अवैध एंट्री करते हैं। पहले ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें देश में घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया है। इसी कारण से बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस तनाव भरे माहैल में पूरे बिहार और खासतौर पर बार्डर के इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है।
