पटना

प्रशांत किशोर ने चिराग पर कसा तंज, कहा- बढ़ते अपराध की इतनी चिंता, तो एनडीए से अलग हो जाएं

सूर्यगढ़ा बाजार के पब्लिक हाई स्कूल मैदान में हुई जनसभा में प्रशांत किशोर ने लोगों से अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट करने की बात कही। इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दीपावली और छठ होगी। उन्होंने कहा कि छठ के बाद सूर्यगढ़ा के या लखीसराय के युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा।

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जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (फाइल फोटो-jansuraajofficial)

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लोजपा (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया दी है। चिराग ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर असंतोष प्रकट किया था। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि उनको इस बात का अफसोस है कि वे ऐसी सरकार को समर्थन दे रहे हैं, जिसके प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान हैं।

क्या बोले प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने चिराग पासवान के बयान पर कहा कि यह जनता का दबाव है कि एनडीए के सहयोगी दलों को भी आवाज उठानी पड़ रही है। लेकिन चिराग पासवान को अगर लगता है कि बिहार की कानून व्यवस्था ठीक नहीं है तो उन्हें एनडीए सरकार से अलग हो जाना चाहिए। बिहार की जनता की आवाज बननी चाहिए। बिहार की जनता की लड़ाई लड़नी चाहिए। यह सही नहीं है कि एनडीए में रहें भी और उसकी शिकायत भी करें।

लखीसराय पहुंचे थे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में आज लखीसराय में बिहार बदलाव जनसभा करने पहुंचे। सूर्यगढ़ा में जनसभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के टोपी और झंडा बदले जाने को लेकर भी तंज कसा। पूर्व राजद नेता तेज प्रताप यादव के पीला टोपी पहनकर घूमने को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा , "जो भी पीली टोपी पहन ले, वह जन सुराज में ही आ जाए, यह जरूरी नहीं है। यह बात तेज प्रताप से पूछनी चाहिए कि वो कब हरा पहनेंगे, कब पीला पहनेंगे। जन सुराज का रंग पीला है। अब जिसको भी पीले रंग में रंगना है, रंग जाए।"

प्रशांत किशोर की अपील

इससे पहले सूर्यगढ़ा बाजार के पब्लिक हाई स्कूल मैदान में हुई जनसभा में प्रशांत किशोर ने लोगों से अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट करने की बात कही। इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दीपावली और छठ होगी। उन्होंने कहा कि छठ के बाद सूर्यगढ़ा के या लखीसराय के युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। लखीसराय के ही नहीं, बिहार के ऐसे 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें यहीं 10-12 हजार रुपए का रोजगार दे दिया जाएगा। प्रशांत किशोर ने जनता से अपील की कि उन्हें और उनके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें। इस बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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