पटना

PM की रैली से पहले सिवान में लगे पांच शेड, हर एक में बैठ सकेंगे 60 हजार लोग; बायो टॉयलेट की भी होगी व्यवस्था

20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए जसौली गांव में पांच बड़े हैंगर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक हैंगर में 60,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। सभा स्थल पर पार्किंग और बायो टॉयलेट की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।

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सिवान में PM की रैली से पहले लगे 5 शेड (फाइल फोटो)

Photo : PTI

PM Siwan Rally: 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिवान के जसौली गांव में आ रहे हैं। जहां वे विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस कार्यक्रम के लिए पांच शेड लगाए गए हैं, जिनमें से हर एक में लगभग 60 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। सभा स्थल छपरा-सिवान मुख्यमार्ग पर एनएच 531 के किनारे पचरुखी बाईपास के पास स्थित है।

टेंट और पंडाल लगाने का कार्य अंतिम चरण में है, और पीएचडी विभाग द्वारा बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है। कार्यक्रम स्थल पर 200 बायो टॉयलेट लगाने की प्रक्रिया भी जारी है। सभा स्थल का दायरा एनएच 531 से पश्चिम जसौली खरग से जुड़िहाता जाने वाली ग्रामीण सड़क के बीच होगा, जहां मंच ग्रामीण सड़क से लगभग 100 मीटर अंदर होगा। पीएम का हेलीपैड मंच के पीछे पश्चिम दिशा में लगभग 250 मीटर की दूरी पर बन रहा है, जबकि सीएम का हेलीपैड पीएम के हेलीपैड से 400 मीटर उत्तर दिशा में होगा। सभी सड़कों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें बड़ी वाहनों के लिए पार्किंग सभा स्थल से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर होगी। वीआईपी वाहनों के लिए पार्किंग सभा स्थल से 500 मीटर की दूरी पर होगी। कुल मिलाकर, 20 जगहों को पार्किंग के लिए चिन्हित किया गया है, जिसमें विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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