Aakriti Chaudhary NSA Case: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े एक छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी को एनएसए के तहत हिरासत में लिए जाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में यह बात कही।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा छात्र कार्यकर्ता को एनएसए के तहत हिरासत में लेने का आदेश रद्द कर दिया था। साथ ही, कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर की डीएम व अन्य अधिकारियों की सैलरी से छात्र को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।
हाई कोर्ट ने डीएम की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी जताते हुए कहा था कि हिरासत का आदेश बिना ठीक से सोचे-समझे जारी किया गया। यह मामला बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान उठा।
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छात्र को भेजा गया नोटिस
मामला ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर भेजे गए कारण बताओ नोटिस से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस नोटिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोर्ट छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई रोक चुका है, तो फिर ऐसा नोटिस कैसे जारी किया गया?
बाद में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस नोटिस को लेकर मीडिया के कई सवाल नोएडा डीएम से किए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि नोटिस नोएडा डीएम ने नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने जारी किया है। इसी दौरान चीफ जस्टिस ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले का जिक्र किया, जिसमें नोएडा डीएम के एनएसए आदेश को रद्द किया गया था। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
