Patna News: बिहार में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 21 फ्लोटिंग जेट बनाए जाने हैं। इनमें से आधा दर्जन से अधिक जेट पटना शहर स्थित अलग-अलग घाटों पर बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को फ्लोटिंग जेट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा। जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट दो सह अर्थ गंगा योजना के तहत यह जेटी बनाए जाने हैं। इनका निर्माण गंगा में विकसित राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या पर होना है। पटना में दीघा घाट, नकटा दियारा, बाढ़, पानापुर घाट पर जेटी का निर्माण किया जाना है। इन जेटी पर गंगा में परिचालित होने वाली बड़ी एवं छोटी नावों को सुरक्षित ठहराव मिलेगा।
इस बारे में भारतीय अंतरदेशीय जल मार्ग प्राधिकरण का कहना है कि काशी स्थित बंदरगाह से विदेशी यात्रियों को लेकर राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या एक की गंगा और राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या दो से जुड़े ब्रह्मपुर के रास्ते काशी से असम के डिब्रूगढ़ तक गंगा विलास क्रूज का परिचालन नियमित होना है। सितंबर से यह नियमित परिचालित होगा।
पहले चरण में बनेंगे पांच फ्लोटिंग जेटी
भारतीय अंतरदेशीय जल मार्ग प्राधिकरण का कहना है कि पहले चरण में पांच फ्लोटिंग जेटी बनाए जाएंगे। हाई डेंटी पोलीएथिलीन (एचडीपीई) का जेटी बनाया जाएगा। पानी में तैरने वाले इस जेटी से किसानों, मछुआरों, असंगठित उत्पादन इकाई, लघु उद्योग से जुड़े लोगों और हरी सब्जी, सामान, वाहन की आसानी से नाव से ढुलाई हो सकेगा। फ्लोटिंग जेटी पर सभी तरह की नाव आकर रुक सकेगी। गंगा नदी के रास्ते काफी आसानी से नाव के माध्यम से सामान की ढुलाई एवं लोगों की आवाजाही सुनिश्चित हो जाएगी।
जेटी के पास के ऊंचे स्थल पर रहेंगी यह सुविधाएं
पटना समेत बिहार के अन्य हिस्सों में बनने वाले इस जेटी के पास स्थित ऊंचे स्थल पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। इसके अतिरिक्त व्यापारियों एवं आम लोगों के लिए वेटिंग रूम, पेयजल, शौचालय, सोलर लाइट, टिकट घर आदि बनाए जाएंगे। ताकि नाव के माध्यम से सफर करने वाले लोगों को कोई असुविधा नहीं हो। इन चीजों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। पहले फ्लोटिंग जेटी बनाया जाएगा। इसके बाद अन्य चीजों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि प्राधिकरण ने यह तय नहीं किया है कि पटना के किस घाट पर पहले फ्लोटिंग जेटी का निर्माण शुरू होगा।
