पटना

Patna AIIMS: फरवरी से पटना एम्स में किडनी और जून से ट्रांसप्लांट होगा लीवर, मरीजों का कम खर्च में होगा इलाज

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 30, 2022, 03:50 PM IST

Kidney Transplant in Patna: राजधानी स्थित पटना एम्स में अब किडनी और लीवर भी ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन तमाम तैयारियां कर रहा है। फैकल्टी की बहाली की जा चुकी है। कुछ अन्य फैकल्टी मेंबर्स की भी बहुत जल्द बहाल कर ली जाएगी। वहीं, सभी तरह की जांच अस्पताल में पहले से ही होती रही है।

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पटना एम्स में अब किडनी और लिवर होगा ट्रांसप्लांट

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में ज्वाइन कर चुके है फैकल्टी
  • पहले से ही अस्पताल में है मॉड्यूलर ओटी
  • सभी तरह की जांच की सुविधा पहले से है उपलब्ध

Patna News: पटना एम्स में दो और मानव अंगों का ट्रांसप्लांट शुरू किया जा रहा है। फरवरी 2023 से किडनी ट्रांसप्लांट और जून से लीवर ट्रांसप्लांट किया जाएगा। जबकि पहले से अस्पताल में कॉर्निया ट्रांसप्लांट हो रहा है। बता दें, सूबे के लोगों का किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट करने के लिए नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में फैकल्टी मेंबर ज्वाइन कर लिए हैं। बहुत जल्द कुछ और फैकल्टी मेंबर ज्वाइन कर लेंगे।

वहीं, अस्पताल में पहले से ही मॉड्यूलर ओटी है। इसके अतिरिक्त सभी तरह की जांच हो रही है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ पूरी फैकल्टी के बहाल होते ही सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

पटना एम्स को अव्वल सेंटर बनाने की है योजना

पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण पाल का कहना है कि, दोनों ही सुविधाएं बहाल करने के लिए तेजी से प्रक्रिया चल रही है। फरवरी से किडनी ट्रांसप्लांट किया जाने लगेगा। जबकि लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा जून से शुरू की जाएगी। डॉ. गोपाल कृष्ण का कहना है कि, पटना एम्स को ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में पूरे देश में अव्वल बनाने की योजना है। इस पर अस्पताल की टीम पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। बताया कि, पटना एम्स में गरीब और जरूरतमंद मरीजों का बेहद कम खर्च पर अंगों का ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत किन्हें

किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि, लंबे समय तक दर्द की दवा खाने से, इंफेक्शन लगने या फिर किडनी में कोई बीमारी से किडनी फेल्योर होता है। जबकि, लिवर खराब होने का प्रमुख कारण अत्यधिक शराब का सेवन करना, हेपेटाइटिस बी का संक्रमण, अत्यधिक फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी है।

कौन कर सकता है किडनी दान

किडनी दान मरीज के परिवार का ही कोई सदस्य कर सकता है। ज्यादातर लाइव डोनर का ही प्रचलन है। ब्रेन डेड मरीज से किडनी या फिर लिवर मिलने पर ट्रांसप्लांट संभव है, लेकिन बिहार में अब तक लाइव डोनेशन से ही किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है।
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