Bihar Flood: बिहार में कई नदियां उफान पर हैं, तटबंध टूट चुके हैं और सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं। कोसी, बागमती और गंडक के तटबंध टूटने से भारी तबाही मची हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार के लगभग 10 लाख लोग इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं।
बिहार के 16 जिलों में बाढ़
बिहार के दरभंगा जिले में कोसी नदी और सीतामढ़ी में बागमती नदी सहित चार जिलों में सात स्थानों पर नदियों के तटबंध टूटने से सोमवार को कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार गंडक कोसी, बागमती, महानंदा एवं अन्य नदियों में आयी बाढ़ के कारण 16 जिलों पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, सिवान, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सारण एवं सहरसा के 55 प्रखण्डों में 269 ग्राम पंचायतों की करीब 9.90 लाख आबादी प्रभावित हुई है।
कहां-कहां टूटा तटबंध
जल संसाधन विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार चार जिलों में सात स्थान पर तटबंध टूटने की घटना घटित हुई है। सीतामढ़ी जिला में बेलसंड प्रखण्ड के अन्तर्गत मधकौल एवं सौली रूपौली तथा रून्नीसैदपुर प्रखण्ड के अन्तर्गत तिलकताजपुर एवं खडुआ में तटबंध टूट गया है। बयान में बताया गया कि पश्चिमी चम्पारण जिला में बगहा-एक प्रखण्ड के अन्तर्गत खैरटवा गांव में तथा शिवहर जिला के तरियानी प्रखण्ड के अन्तर्गत छपरा में एवं दरभंगा जिला के अन्तर्गत किरतपुर प्रखण्ड के भुबोल गांव में कोसी का तटबंध टूट गया है।
बचाव कार्य जारी
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार बाढ़ से घिरे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ)और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ)की 15-15 टीम तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त वाराणसी एवं रांची से एनडीआरएफ की तीन-तीन अतिरिक्त टीम बुलाई गई हैं जिन्हें विभिन्न जिलों में राहत एवं बचाव के लिए तैनात किया गया है। बिहार सरकार ने शनिवार और रविवार को बीरपुर और वाल्मीकिनगर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के उत्तरी, दक्षिणी और मध्य भागों में बाढ़ की चेतावनी जारी की थी। हालांकि, गंडक और कोसी नदियों पर वाल्मीकिनगर और वीरपुर में बने बैराज से सोमवार की सुबह अपेक्षाकृत कम पानी छोड़ा गया।
बैराज से कितना पानी छोड़ा गया
वाल्मीकिनगर बैराज से रविवार को 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जबकि सोमवार को सुबह आठ बजे तक पानी छोड़े जाने की मात्रा 1.89 लाख क्यूसेक थी। इसी तरह 29 सितंबर को वीरपुर बैराज से 6.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया लेकिन सोमवार की सुबह आठ बजे तक 2.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
