बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन शराब के शौकीनों को यह कहीं न कहीं से मिल ही जाती है। उन्हें कानून का भी डर नहीं है, क्योंकि शराब पीते पकड़े जाने पर बिहार में सजा और जुर्माना भी हो सकता है। यह तो कानूनी पक्ष है। शराब का एक सामाजिक पक्ष भी है, जो शराब पीने वाले को अच्छा नहीं समझता है। शराबी को बुरी निगाह से देखा जाता है। और शराब पीने से घर-परिवार बर्बाद हो जाते हैं।
बिहार में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें शराब पीने की वजह से एक व्यक्ति का परिवार बनने से पहले ही टूट गया। दुल्हन ने उसकी बारात को दरवाजे से बैरंग लौटा दिया। बड़ी बात तो यह कि दुल्हन के पिता ने पूरी मजबूती के साथ अपनी बेटी का साथ दिया और दूल्हे पक्ष की ओर से लाख याचना के बावजूद वह अपने फैसले से टस से मस नहीं हुए।
घटना बिहार के समस्तीपुर जिले की है। यहां एक नगर पंचायत के गांव में सोमवार 12 मई की रात एक शादी समारोह के दौरान जबरदस्त ड्रामा हुआ। यहां सोमवार रात 12 बजे एक बारात पहुंची। दुल्हन पक्ष के सभी लोग बारात के स्वागत के लिए खड़े थे, लेकिन दुल्हा नशे में था।
किसी तरह बारात चढ़ी और फिर वरमाला का समय भी आ गया। वरमाला के दौरान जब दुल्हन को पता चला कि दूल्हा नशे में है तो लड़की ने शादी से इनकार कर दिया। बड़ी बात यह कि लड़की के परिवार ने भी इसमें लड़की के फैसले का सम्मान करते हुए उसका साथ दिया।
दुल्हन पक्ष ने बारात को बैरंग लौटा दिया। इसके बाद भी दूल्हा और बाराती लगभग 12 घंटे तक लड़की के घर के बाहर रुके रहे, ताकि मामला सुलझ सके और शादी हो सके। लेकिन लड़की और उसके पिता ने इस शादी से साफ मना कर दिया। आखिरकार थक-हारकर बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई।
इस घटना ने न सिर्फ शादी समरोह में हड़कंप मचा दिया, बल्कि यह घटना स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय भी बनी हुई है। प्रश्न तो यह भी है कि जब बिहार में शराबबंदी लागू है तो वहां लोगों को शराब मिल कहां से जाती है? बार-बार बिहार में लोग नशे में पकड़े जाते हैं और शराब तस्करी के मामले भी अक्सर सामने आते रहते हैं।
