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अमित शाह टिप्पणी मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल को दी राहत; बुलगढ़ी बयान पर राहुल गांधी को हाथरस कोर्ट का नोटिस

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  • Updated Jul 15, 2026, 09:37 PM IST
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राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए बुधवार का दिन राहत और चुनौतीपूर्ण तरह रहा। दरअसल, यूपी के दो अलग-अलग अदालतों में चल रहे मामलों में से एक में उन्हें राहत और एक में नोटिस का सामना करना पड़ा। सुलतानपुर की अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में उनकी आवाज के फॉरेंसिक जांच की मांग खारिज कर दी। वहीं, हाथरस की एक अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

सुल्तानपुर मामले में मिली राहत

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने भाजपा नेता विजय मिश्रा की उस पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी की कथित आवाज का नमूना लेकर उसे अदालत में प्रस्तुत सीडी से मिलान कराने की मांग की गई थी।

राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश यादव ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसे काफी देरी से दाखिल किया गया था और इसमें पर्याप्त आधार भी नहीं हैं। इस दौरान अदालत ने माना कि निचली अदालत ने अपने विवेकाधिकार का सही इस्तेमाल किया था और उसके आदेश में हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। अब मामले में ट्रायल कोर्ट में 18 जुलाई को बहस होनी है।

हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष के वकील संतोष कुमार पांडे ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

बता दें कि यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी द्वारा अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने इसे मानहानिकारक बताते हुए सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।

बुलगढ़ी टिप्पणी मामले में नोटिस

वहीं, हाथरस की एमपी-एमएलए अदालत ने 2020 के चर्चित बुलगढ़ी मामले को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि प्रकरण में उन्हें नोटिस जारी किया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए राहुल गांधी को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त तय की है।

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील मुन्ना सिंह पुंधीर ने बताया कि इससे पहले 13 मई को निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने उस आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।

क्या है बुलगढ़ी मामला?

हाथरस के बुलगढ़ी गांव में सितंबर 2020 में एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में युवती की मौत हो गई थी। मामले में गांव के चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। लंबी सुनवाई और सीबीआई जांच के बाद अदालत ने तीन आरोपियों रामकुमार, लवकुश और रवि को दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया था, जबकि चौथे आरोपी संदीप को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, राहुल गांधी ने 12 दिसंबर 2024 को बुलगढ़ी गांव का दौरा किया था और कथित तौर पर कहा था कि आरोपी खुले घूम रहे हैं, जबकि पीड़िता का परिवार अब भी घर में रहने पर मजबूर है। जिसके बाद शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि यह टिप्पणी मानहानिकारक थी, क्योंकि तीनों आरोपियों को अदालत पहले ही बरी कर चुकी थी। आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराने से पहले राहुल गांधी को 1.5 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भी भेजा गया था।

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