पटना

पटना म्यूजियम में रखे सिलेंडर में जबरदस्त ब्लास्ट, दीवार में आई दरार; शीशे चकनाचूर

बिहार की राजधानी पटना स्थित पुराने म्यूजियम कैंपस में रखे सेफ्टी सिलेंडर में जबरदस्त ब्लास्ट से दीवारों में दरार आ गई और शीशे भी चकनाचूर हो गए।

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अग्नि सुरक्षा सिलेंडर में विस्फोट

पटना : राजधानी स्थित पुराने म्यूजियम कैंपस में गुरुवार को एक जोरदार धमाका हुआ, जो फायर सेफ्टी सिलेंडर में विस्फोट के कारण हुआ। धमाके से म्यूजियम की दीवारों में दरारें आ गईं और शीशे के दरवाजे चकनाचूर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और म्यूजियम के कर्मचारी तुरंत बाहर निकल आए। गनीमत रही कि इस घटना से कोई हताहत नहीं हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पुराने सिलेंडर लंबे समय से बिना मेंटेनेंस के रखे हुए थे, जिससे गैस लीकेज या दबाव बढ़ने की आशंका है।

सेफ्टी सिलेंडर में ब्लास्ट

अग्निशमन विभाग ने अन्य सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से नष्ट करने का कार्य शुरू कर दिया है। पुलिस ने म्यूजियम प्रशासन को सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। घटना पटना के पुराने म्यूजियम कैंपस में हुई। म्यूजियम परिसर में रखे फायर सेफ्टी सिलेंडर में धमका हुआ, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि म्यूजियम की दीवारों में दरार आ गई। शीशे के दरवाजे भी चकनाचूर हो गए।

सूचना पर स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पुराने फायर सेफ्टी सिलेंडर बिना मेंटेनेंस के रखे हुए थे। गैस लीकेज या दबाव बढ़ने के कारण विस्फोट की आशंका है। अग्निशमन विभाग की टीम अन्य पुराने सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से नष्ट कर रही है। कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और प्रशासन ने म्यूजियम प्रशासन को सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। भविष्य में लापरवाही से बचने के लिए उचित कदम उठाने की हिदायत दी गई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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