पश्चिम रेलवे ने चलाईं 200 विशेष ट्रेनें
पश्चिम रेलवे (WR) ने 200 विशेष ट्रेनों के संचालन करने की घोषणा के बाद 29 अक्टूबर मंगलवार को 120 से अधिक ट्रेनें चलाईं। इनमें से लगभग 40 ट्रेनों का प्रबंधन मुंबई डिवीडन की ओर से किया गया, जिसमें मुख्यत: 22 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे दूरगामी राज्यों तक चलाने की बात कही थी। ये सभी ट्रेनें नियमित संचालन के साथ शुरू की गई हैं। खासकर, इन सभी ट्रेनों में कुछ अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं।
दिल्ली से 164 विशेष ट्रेनों का संचालन
दिल्ली रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार (ईडी/आईपी) के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार के मुताबिक, छठ और दिवाली पर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकें, इसके लिए रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी सिलसिले में हम 30 अक्टूबर को 164 विशेष ट्रेनें चला रहे हैं। ये सभी ट्रेनें देशभर के विभिन्न स्थानों से बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों तक यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाएंगी। भारतीय रेलवे ने विभिन्न ट्रेनों की 7000 अतिरिक्त यात्राओं की व्यवस्था की है, इससे 1 करोड़ से अधिक सीटें उत्पन्न हुई हैं, ताकि यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
पूर्व रेलवे ने 50 ट्रेनों के संचालन का किया दावा
इसके अलावा यात्रियों के लिए आरपीएफ, वाणिज्यिक और अन्य एसएचजी की भी तैनाती की गई है सुविधा के लिए हमने महत्वपूर्ण स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए हैं, जहां भीड़भाड़ होने की संभावना है। इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों के बैठने और आराम करने की व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त पूर्व रेलवे ने 28 अक्टूबर को 50 स्पेशल ट्रेनों के साथ 400 अतिरिक्त सेवाओं देने का दावा किया था। दैनिक जागरण में छपे लेख के हवाले से पूर्व रेलवे के पीआरओ कौशिक मित्रा ने बताया कि इस साल विशेष ट्रेनों की संख्या 33 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।
रेलवे के आए दिन स्पेशल सेवाओं के संचालन के दावे के बीच रेलवे स्टेशनों पर जमा हो रही भीड़ बताती है कि इतने इंतजाम भी बेहद कम हैं। वहीं, बड़े रेलवे स्टेशनों पर जिस तरीके से अफरा-तफरी दिख रही है वो भी रेलवे के तमाम दावों की पोल खोल रही है। यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है। वंदे भारत जैसी ट्रेनों में सीटों के कंफर्म होने के चांस कम ही लग रहे हैं।
