Patna News: शहरवासी 20 जनवरी से एसी युक्त सीएनजी बस में यात्रा कर सकेंगे। पटना में पहली बार 25 सीएनजी एसी बसें चलाई जाने वाली हैं। जबकि नई 50 नॉन एसी सीएनजी बसों का परिचालन किया जाएगा। यह बसें गांधी मैदान से होकर पटना सिटी और दानापुर होते हुए बिहटा तक परिचालित की जाएंगी। फिलहाल सीएनजी एसी बसों के रजिस्ट्रेशन और परमिट की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा यह बसें परिचालित करवाई जाएंगी।
अधिकारी के मुताबिक, सीएनजी एसी बस का न्यूनतम किराया 11 रुपए होगा। सीएनजी नॉन एसी बस का किराया 6 रुपए होगा। शहर के रूट संख्या 555, 888, 111 ए, 222, 777, 100 समेत कई रूटों पर सीएनजी एसी बसें परिचालित होंगी।
बस में होंगी यह सुविधाएं
इन सीएनजी एसी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। ड्राइवर की सीट से बस की अंतिम सीट तक सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। कैमरा बस के अंदर की सभी एक्टिविटी को कैद करेगा। इमरजेंसी बटन भी रहेगा। इसका इस्तेमाल किसी अनहोनी की आशंका पर किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों और इमरजेंसी बटन की मॉनिटरिंग ऑनलाइन की जाएगी। बस में 32 सीटें होंगी। इनमें से 65 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व रहेंगी। अगर, महिला यात्री नहीं रहेंगी तो उस सीट पर पुरुष बैठ सकेगा।
शहर में चल रहीं इलेक्ट्रिक एसी बसें
पटना में अभी इलेक्ट्रिक एसी बसों का परिचालन हो रहा है। करीब डेढ़ साल से यह बसें परिचालित हो रहीं हैं। अलग-अलग रूटों पर यह बसें चल रहीं हैं और इनके सवारियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें हैं। हालांकि अधिकतर नॉन एसी हैं। बसें कारगिल चौक से दानापुर स्टेशन, पटना एयरपोर्ट से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, कारगिल चौक से बिहटा आईआईटी, गांधी मैदान से बिहार शरीफ, गांधी मैदान से राजगीर, गांधी मैदान से मुजफ्फरपुर, गांधी मैदान से दरभंगा तक परिचालित की जा रहीं हैं।
जल्द बढ़ सकती हैं सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या
राजधानी में डीजल बसों का पूरी तरह से परिचालन बंद कर दिया गया है। डीजल से चलने वाले ऑटो के परिचालन पर भी पाबंदी है। वहीं, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों में बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन दोनों वाहनों की संख्या में इजाफा बहुत जल्द होगा। पहले भी अधिकारी इन बसों की संख्या बढ़ाने की बात कह चुके हैं।
