पटना

पटना में बर्ड फ्लू की दस्तक, हजारों मुर्गियों और कौवों की अचानक हुई मौत से इलाके में मचा हड़कंप

एक बार फिर बिहार में बर्ड फ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। पटना के एक पोल्ट्री फार्म में करीब 2500 मुर्गियों की संदिग्ध मौत की वजह से लोगों में दहशत है। प्रशासन ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है और संक्रमण को फैलने से रोकने के उपाय किए जा रहे हैं।

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पटना में 2500 मुर्गियों की मौत

बिहार में एक बार फिर बर्ड फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं। राजधानी पटना के बाइपास थाना क्षेत्र के एक पोल्ट्री फॉर्म में एक साथ कई मुर्गियों की अचानक मौत हो गई। वेटरनरी डॉक्टरों ने बर्ड फ्लू की बात कही। संपतचक के गोसाई मठ इलाके में कई कौवे भी मृत पाए गए। गौरतलब है कि महीने भर पहले ही जहानाबाद जिले में कई कौओं की मौत हुई थी, जिसमें H5N1 वायरस की पुष्टि हुई थी।

2500 मुर्गियों की हुई मौत

बाइपास थाना क्षेत्र के मर्चा गांव के पोल्ट्री फॉर्म संचालक विनोद सिंह ने बताया की उनकी मुर्गियां अचानक मरने लगीं, जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। जहां उन्हें बताया गया कि मुर्गियों को रानीखेत या बर्ड फ्लू जैसी बीमारी हो सकती है। मंगलवार तक उनके फार्म में मृत मुर्गियों की संख्या बढ़कर 2500 हो गई। विनोद सिंह पिछले 15 वर्षों से मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे हैं। इस घटना से उन्हें करीब 4 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संपतचक के गोसाई मठ इलाके में भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखी गई,जहां 24 घंटों में 100 से अधिक कौवे मरे पाए गए।

प्रशासन अलर्ट पर

बर्ड फ्लू फैलने की आशंका से प्रशासन सतर्क हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है। स्थानीय अधिकारियों ने पोल्ट्री फार्म्स की जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

पिछले महीने भी फैला था संक्रमण

इससे पहले जहानाबाद जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। जहां फरवरी के महीने में पुलिस लाइन परिसर में दर्जनों कौवों की अचानक मौतों के बाद उनके नमूने लैब में भेजे गए थे। कोलकाता के RDDL संस्थान में की गई जांच में H5N1 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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