पटना

'कब आजाद हुआ था भारत?' जवाब पर ऐसी हुई बहस कि चाकूबाजी की आई नौबत, 4 लोग घायल

बिहार के सासाराम में आजादी की तारीख को लेकर विवाद पैदा हो गया। दो समूहों के बीच हुई बहस तेजी से हिंसक झड़प में बदल गई। इस झड़प में चाकू चलाने की घटना में दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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चाकूबाजी में चार घायल, दो गंभीर

Photo : Times Now Digital

Bihar News: बिहार के रोहतास जिले के करगहर ब्लॉक से एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है, जहां भारत की स्वतंत्रता की तारीख को लेकर हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में चाकूबाजी तक की नौबत आ गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

आजादी की तारीख पर छिड़ा विवाद

घटना करगहर के स्थानीय काली मंदिर परिसर की है, जहां शुक्रवार को महेंद्र गोस्वामी का पुत्र मंटू गोस्वामी और बघवा गोस्वामी बैठे हुए थे। उसी दौरान गांव के ही आनंद सागर साह और गुड्डू कुमार साह वहां पहुंचे। चारों के बीच स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं पर चर्चा होने लगी। बात-बात में भारत को स्वतंत्रता मिलने की तारीख को लेकर विवाद शुरू हो गया। एक पक्ष का कहना था कि भारत को 15 अगस्त 1942 को ही आजादी मिल गई थी, जबकि दूसरे पक्ष ने सही तारीख 15 अगस्त 1947 बताई। मामूली सी ऐतिहासिक बहस धीरे-धीरे गरमाती चली गई और गालीगलौज से होते हुए मारपीट में बदल गई।

चाकू से किया गया हमला, दो गंभीर

बात इतनी बढ़ गई कि युवकों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आनंद सागर साह और मंटू गोस्वामी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल सासाराम के सदर अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, गुड्डू कुमार साह और बघवा गोस्वामी को प्राथमिक उपचार के लिए करगहर सीएचसी में भर्ती कराया गया।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। करगहर थानाध्यक्ष कमलनयन पांडेय ने बताया कि घायल पक्षों से आवेदन मांगा गया है और शिकायत के आधार पर जांच शुरू की जाएगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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