बिहार विधानसभा चुनाव में महिलाओं को किसी पार्टी ने नहीं दिए 33 फीसद टिकट
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान हुआ। 6 नवंबर को पहले चरण के बाद आज यानी मंगलवार 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। शुक्रवार 14 नवंबर को मतगणना के साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होगा। लेकिन सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि तमाम पार्टियों में से किसी ने भी महिलाओं को 33 फीसद सीटें नहीं दीं। यानी किसी भी पार्टी ने 33 फीसद महिला उम्मीदवारों को मैदान में नहीं उतारा। जबकि सभी पार्टियों ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण के बिल को पास किया था। हालांकि, महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण अभी लागू नहीं हुआ है, लेकिन बिहार चुनाव में राजनीतिक दल आधी आबादी को 33 फीसद टिकट देकर एक अच्छा संदेश दे सकते थे।
महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill), को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) के नाम से भी जाना जाता है। यह बिल 19 सितंबर 2023 को लोकसभा में पेश किया गया था। नए संसद भवन में यह पहला संसद सत्र था। अगले ही दिन यानी 20 सितंबर को बिल लोकसभा में पास हो गया। बिल के समर्थन में 454 वोट पड़े, जबकि 2 वोट इसके विरोध में डाले गए। इसके बाद 21 सितंबर 2023 को बिल राज्यसभा में पेश हुआ और पारित भी हो गया। 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों से पास हुए बिल पर हस्ताक्षर किए और यह कानून बन गया। इस कानून के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण का प्रावधान है। जनगणना और परिसीमन के बाद महिला आरक्षण कानून आम चुनाव 2029 से कुछ पहले या बाद में भी लागू हो सकता है।
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बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में आज 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सभी 243 सीटों के लिए कुल 2616 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। कुल 254 यानी लगभग 10 फीसद महिला उम्मीदवारों ने इस चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है, यानी वह उम्मीदवार हैं। इसमें सभी पार्टियों के साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। बता दें कि 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 3700 से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव लड़े थे। उस समय भी लगभग 10 फीसद, कुल 371 महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।
महिलाओं को उम्मीदवार बनाने के लिए किसी भी पार्टी ने दिल खोलकर टिकट नहीं बांटे। सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। कुल 85 महिला उम्मीदवार निर्दलीय ही मैदान में हैं। पार्टियों की बात करें तो सबसे ज्यादा 26 महिला उम्मीदवार मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने उतारे हैं। जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने 26 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया। RJD ने 23 महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि जेडीयू ने 13 और भाजपा ने 12 महिला उम्मीदवार बनाई हैं।
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बात अगर परसेंटेज के लिहाज से करें तो सबसे ज्यादा 19 फीसद महिला उम्मीदवार पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी से हैं। उनके कुल 36 में से 7 उम्मीदवार महिलाएं हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी 18 फीसद महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की कुल 28 में से 5 उम्मीदवार महिलाएं हैं। RJD ने अपने 140 उम्मीदवारों में से 16 फीसद यानी कुल 23 महिलाओं को टिकट दिया है। बसपा ने कुल 180 उम्मीदवार बिहार चुनाव में उतारे हैं और उनमें से 14 फीसद यानी कुल 26 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड ने अपने 101 उम्मदीवारों में से 13 को यानी 13 फीसद और भाजपा ने अपने 101 उम्मीदवारों में से 12 यानी 12 फीसद महिलाओं को टिकट दिए हैं।
| पार्टी | कुल उम्मीदवार | महिला उम्मीदवार | महिला उम्मीदवार (प्रतिशत) |
| निर्दलीय | 923 | 85 | 9% |
| बसपा | 180 | 26 | 14% |
| जन सुराज पार्टी | 231 | 25 | 11% |
| राष्ट्रीय जनता दल | 140 | 23 | 16% |
| जनता दल यूनाइटेड | 101 | 13 | 13% |
| भारतीय जनता पार्टी | 101 | 12 | 12% |
| राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी | 36 | 7 | 19% |
| कांग्रेस | 60 | 5 | 8% |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) | 28 | 5 | 18% |
| आम आदमी पार्टी | 83 | 3 | 4% |
| अन्य पार्टियां | 273 | 0 | 0% |
| कुल | 2600 | 254 | 10% |
जन सुराज पार्टी 231 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिसमें से पार्टी ने 11 फीसद यानी 25 सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारी हैं। कांग्रेस ने अपने हिस्से की 60 में से 8 फीसद यानी 5 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है।