Bihar Aaj Aur kal ka Mausam kaisa Rahega: एक तरह पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। वहीं दूसरी ओर बिहार में अभी भी कड़ाके की ठंड ने दस्तक नहीं दी है। यहां शीतलहर का प्रभाव भी नहीं दिख रहा है। हालांकि सुबह और देर रात के समय अलग-अलग हिस्सों में कोहरा भी छा रहा है। आज सुबह भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। साथ ही सुबह के समय हल्की ठंड भी महसूस हुई। जल्द ही बिहार के मौसम में बदलाव आने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 27-28 दिसंबर को बारिश होने की संभावना है।
बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम
बिहार में रविवार को सबसे कम तापमान पूसा में दर्ज किया गया। यहां का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री रहा। वहीं सबसे अधिक तापमान फॉरविसगंज में 29.2 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में तीन दिनों के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान पछुआ हवाएं चलने से मौसम शुष्क बना रहेगा और सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास होगा। वहीं दोपहर में धूप निकलने से ठंड से राहत बनी रहेगी। बिहार की राजधानी पटना में आज अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया जा सकता है।
इन जिलों में बारिश के आसार
बिहार में पिछले करीब 15 दिनों से सभी जिलों में मौसम स्थिर बना हुआ है। इस दौरान अधिकतम तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में 27-28 दिसंबर को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बक्सर, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, अरवल और औरंगाबाद समेत कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। बारिश से ठंड बढ़ने की भी संभावना है।
कड़ाके की ठंड न पड़ने की वजह
बिहार में ठंड की निर्भरता उत्तर भारत में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ पर है। लेकिन अभी तक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है। जिसकी वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड की शुरुआत नहीं हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होती है। जिससे वहां से आने वाली पछुआ हवाएं सर्दी लेकर आती है। लेकिन अभी उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाएं भी नहीं चल रही है। जिसके कारण दिसंबर महीने के आखिरी हफ्तों में भी कड़ाके की ठंड बिहार में नहीं पड़ रही है। इसके अलावा दिसंबर माह में पुरवा प्रवाहित नहीं होती है। लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम के बने रहने से यहां पुरवा का प्रवाह हो रहा है। इस वजह से भी राज्य में तापमान सामान्य से अदिक है और शीतलहर भी नहीं चल रही है।
