शहर

बिहार इंटर परीक्षा के पहले ही दिन अव्यवस्था का अंबार; कहीं एडमिट कार्ड की गलती तो कहीं गेट बंद, छात्रों का बवाल

बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। पटना में भी सैकड़ों परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके बीच अव्यवस्था की भारी शिकायतें आई हैं। साल भर की तैयारी के बाद भी कई परीक्षार्थियों को आज निराशा हाथ लगी कई केंद्रों से कई तस्वीर निकलकर सामने आई जहां लेट से पहुंचने पर छात्रों को एंट्री नहीं मिली तो वहीं कई जगह पर एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम गलत दिया गया।

Image

परीक्षा के पहले दिन ही केंद्र में एंट्री नहीं ले पाए कई छात्र

Photo : Times Now Digital

BSEB Bihar Board Exam 2026: प्रथम ग्रासे मक्षिका पातः, संस्कृत की इस कहावत का मतलब है कि पहले की निवाले में मक्खी का गिर जाना, यानी काम शुरू होते ही उसमें बड़ी गड़बड़ी हो जाना। कुछ यही हाल बिहार में हुआ है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन ही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की कई तस्वीरें सामने आई हैं। साल भर मेहनत करने वाले परीक्षार्थियों के लिए आज का दिन उस समय दुखद बन गया, जब तकनीकी खामियों और कड़े नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर ही रहना पड़ा।

एडमिट कार्ड में बड़ी लापरवाही

पटना के कई केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बोर्ड के जारी किए गए एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पता और नाम गलत छपा था। छात्र जब एडमिट कार्ड पर लिखे पते पर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि वह केंद्र वहां है ही नहीं या वहां उनकी परीक्षा नहीं है। इस तकनीकी खामी की वजह से परीक्षार्थी सही समय पर अपने असल केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई।

समस्तीपुर में देरी के कारण छूटी परीक्षा

कुछ ऐसा ही हाल समस्तीपुर में भी रहा, जहां दर्जनों छात्रों के सपने ट्रैफिक जाम में दम तोड़ गए। लॉ कॉलेज परीक्षा केंद्र के बाहर छात्रा रोती रही, परिजन हाथ जोड़ते रहे, लेकिन गेट नहीं खुला। ये समस्तीपुर का लॉ कॉलेज परीक्षा केंद्र और काशीपुर स्तिथ बालिका उच्च विद्यालय की है । गेट के बाहर बिलख रही ये छात्रा अपनी मेहनत को मिट्टी में मिलते देख रही है। वजह कोई गलती नहीं, बल्कि शहर का वो जाम है जिसे सिस्टम आज तक ठीक नहीं कर पाया। बताया जा रहा है कि छात्रा समय से घर से निकली थी, लेकिन शहर में लगे भीषण जाम में वह काफी देर फंसी रही। जब तक वो केंद्र पहुंची, तब तक एंट्री का समय कुछ ही मिनट ऊपर निकल चुका था। छात्रा ने मिन्नतें कीं, वहां मौजूद लोगों ने पैरवी की, लेकिन परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारी नियमों का हवाला देकर टस से मस नहीं हुए। नियम कहते हैं कि देरी से आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन सवाल ये है कि इन नियमों की सख्ती के बीच उन व्यवस्थाओं का क्या जो छात्रा को केंद्र तक समय पर पहुंचने नहीं दे पाईं? क्या एक छात्रा के साल भर की मेहनत से ज्यादा कीमती कुछ मिनटों का ये नियम है? बिहार बोर्ड की सख्ती अपनी जगह है, लेकिन सवाल समस्तीपुर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी है। अगर जाम की वजह से किसी बेटी का भविष्य बर्बाद होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? केंद्र के गेट तो बंद हो गए, लेकिन सवाल अब भी खुले हैं। हालांकि परीक्षा केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट ने बताया कि एक माह बाद फिर बोर्ड फिर परीक्षा लेता है किसी की भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी।

बेगूसराय में छात्रों के उतरवाए जूते

वहीं बेगूसराय में भी बोर्ड परीक्षाओं के पहले दिन एक परीक्षा केंद्र में देरी से पहुंचे कुछ छात्रों ने हंगामा किया। उन्होंने परीक्षा केंद्र का गेट फांदकर घुसने की कोशिश की। देरी से पहुंचने के बाद एक छात्रा गेट पर ही रोती-बिलखती भी नजर आई। फिर बाद में उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने दिया। पहले दिन जो छात्र सुबह 9:00 बजे से पहले पहुंचे उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया। लेकिन 9:00 बजे के बाद पहुंचे करीब दर्जन भर छात्रों को परीक्षा केंद्र का मेन गेट बंद मिला। इस पर देरी से आए इन छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब दर्जन भर छात्रों ने परीक्षा केंद्र का गेट फांदकर प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने गेट पर ही हंगामा शुरू कर दिया। प्रवेश के सख्त नियमों के चलते परीक्षार्थी जूते पहनकर परीक्षा केंद्र में नहीं जा सकते हैं। पहले दिन जो छात्र जूते पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, उनके जूते परीक्षा केंद्र के बाहर खुलवा दिए गए। उन्हें नंगे पैर परीक्षा हाल में जाना पड़ा।

मुजफ्फरपुर में भी एंट्री को लेकर दिखी सख्ती

मुजफ्फरपुर में भी इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान नियमों की सख्ती दिखी। यहां महिला शिल्प कला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर महज पांच मिनट की देरी से पहुंचने पर कई परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्र के बाहर देर तक छात्राओं और उनके अभिभावकों की भीड़ जमा रही। कई लोग प्रशासन से मानवीय आधार पर निर्णय लेने की अपील करते दिखे हालांकि, केंद्र प्रशासन का कहना था कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के स्पष्ट निर्देश हैं कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!