Palghar News: मुंबई से सटे पालघर शहर में शनिवार को एक भीषण रेल दुर्घटना ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। पुराने पालघर के जैन मंदिर के पास पटरी पार करते समय तीन युवक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान स्वप्निल शैलेश पालांडे (23), कुणाल कुमार दुबला (23) और अफरोज खलील शेख (28) के रूप में हुई है, जो पालघर पूर्व के वीरेंद्र नगर इलाके के रहने वाले थे।
हादसे से पहले क्या हुआ?
इस पूरी घटना ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब मृतकों के परिवार वालों ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि हादसे से ठीक पहले कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने युवकों के साथ मारपीट की थी। उनके अनुसार, पुलिस के इसी कथित खौफ और पीछा किए जाने के कारण युवक बदहवास होकर भागने लगे। भागते समय उन्होंने रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की और इसी दौरान वे सामने से आ रही मालगाड़ी को नहीं देख पाए और काल के गाल में समा गए।
इलाके में तनाव, जीआरपी (GRP) ने शुरू की जांच
हादसे की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने घटनास्थल पर पहुंचकर तीनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के खिलाफ बढ़ते गुस्से और आरोपों को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस फिलहाल सधी हुई प्रतिक्रिया दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक दुखद दुर्घटना है, लेकिन हादसे की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या वाकई मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे और क्या युवकों के भागने का कारण पुलिस की कार्रवाई थी।
