Osman Hadi Murder Case: बांग्लादेश के राजनीतिक कार्यकर्ता उस्मान हादी की हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बांग्लादेश से फरार होकर अवैध रूप से भारत में घुस आए थे। वे सीमावर्ती इलाके में छिपने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों का इरादा वापस बांग्लादेश घुसने का था, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही दबोच लिया।
पिछले साल दिसंबर में हुई हादी की हत्या
जानकारी के अनुसार बांग्लादेश में पिछले साल दिसंबर में ‘इंकलाब मंच’ के छात्र नेता और प्रवक्ता उस्मान हादी की ढाका में हत्या हो गई थी। उन्हें गोली मारी गई थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर के अस्पताल लाया गया। लेकिन इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश में हादी की हत्या के बाद वहां व्यापक हिंसा हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती कस्बे बोंगांव से पकड़ा गया। उनकी पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है, जो क्रमशः पटुआखाली और ढाका के रहने वाले हैं। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने एक बयान में कहा कि दोनों आरोपियों को सात मार्च की रात को गिरफ्तार किया गया।
बयान में कहा गया कि विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि दो बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश में जबरन वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराध करने के बाद भाग गए थे और अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए हैं। वे बोंगांव में शरण लेने की कोशिश कर रहे थे ताकि मौका मिलते ही बांग्लादेश में वापस घुस सकें। एसटीएफ ने बताया कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुए और भारत के विभिन्न स्थानों से होते हुए बोंगांव पहुंचे, जहां उनका इरादा वापस बांग्लादेश में घुसने का था। बयान में कहा गया है, ’’इस संबंध में एक विशिष्ट मामला दर्ज किया गया है।" रविवार को एक अदालत ने मसूद और हुसैन को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
(इनपुट - भाषा)
