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'व्यावहारिक मराठी भाषा आनी चाहिए नहीं तो 16 अगस्त से कार्रवाई...'महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक की चेतावनी

महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी या ओला-उबर जैसी सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए मराठी भाषा जानना अनिवार्य होगा राज्य के मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट कहा कि जो भी महाराष्ट्र में व्यवसाय करना चाहता है, उसे मराठी आनी ही चाहिए।

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प्रतीकात्मक फोटो

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, 'राज्य में पिछले कई सालों से हमारे हिंदी भाषी भाई रिक्शा और टैक्सी चलाते थे। महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 4, 22, 78 और 85 के अनुसार रिक्शा चालकों को व्यवहारिक मराठी भाषा आनी चाहिए। यात्री से संवाद करते समय उसे मराठी भाषा आनी चाहिए, ये भूमिका और भावना हमारे प्रशासन की है। इस संबंध में हम पिछले 3 महीने से सभी हिंदी भाषी भाइयों को व्यवहारिक मराठी भाषा सिखा रहे हैं'

'...तो 16 अगस्त से हमारी कार्रवाई होगी'

उन्होंने आगे कहा कि 'नेताओं ने मांग की थी कि इस काम के लिए उन्हें समय चाहिए तो 100 दिनों का समय भी हमने दिया है... अगर 15 अगस्त तक वे लोग मराठी सीख नहीं पाएंगे तो 16 अगस्त से हमारी कार्रवाई होगी। अब तक कार्रवाई के तौर पर 500 रुपये का दंड तय किया गया था... लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बार-बार फाइन करने के बाद भी यदि कोई कानून का पालन नहीं करता है तो हम उसका लाइसेंस रद्द करने का भी अधिकार रखते हैं।'

यात्री मराठी में बात करते हैं, लेकिन ड्राइवर को भाषा समझ नहीं आती

मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि यह नियम राज्य सरकार ने 1989 में ही लागू किया था, जिसमें अब आवश्यक संशोधन किए गए हैं उन्होंने कहा कि कई बार यात्री मराठी में बात करते हैं, लेकिन ड्राइवर को भाषा समझ नहीं आती, जिससे विवाद की स्थिति बनती है और मामले पुलिस तक पहुंच जाते हैं।

जिन्हें मराठी नहीं आती, वे साहित्यकारों की किताबों के जरिए इसे सीख सकते हैं'

मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि ऐसे विवादों को रोकने के लिए ड्राइवरों को मराठी आना जरूरी है,जिन्हें मराठी नहीं आती, वे साहित्यकारों की किताबों के जरिए इसे सीख सकते हैं' मंत्री ने कहा कि अगर किसी को महाराष्ट्र में व्यवसाय करना है, तो मराठी जानना आवश्यक है, यह भी कहा कि ऑटो और टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय को पूर्ण समर्थन दिया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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