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Punjab: मरीज के पेट से निकले ईयरफोन समेत कई सारे नट बोल्ट, 3 घंटे तक चला ऑपरेशन, हैरत में पड़े डॉक्टर्स

मोगा मेडिसिटी हॉस्पिटल में एक युवक के पेट से डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर नट-बोल्ट, वॉर्शल, लॉकेट, पेच, ईयरफोन्स, राखियों सहित अन्य सामान निकाला। 3 घंटे में यह ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने उसे नई जिंदगी दी.

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Nut Bolt And Earphones Come Out From Patient Stomach

पंजाब: अक्सर अस्पतालों में मरीज अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, जिन्हें डॉक्टर उचित इलाज या बड़ी समस्या होने पर भर्ती कर ट्रीटमेंट देते हैं। उनमें से कुछ समस्याए छोटी या बड़ी होती हैं, लेकिन पंजाब के मोगा से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिससे डॉक्टर भी हैरत में पड़ गए। जी, हां गांव रोडे के रहने वाले कुलदीप सिंह पुत्र दर्शन सिंह (40) के व्यक्ति के पेट से तीन घंटे के आपरेशन के बाद कई तरह का सामान निकाला गया। इसमें नट-बोल्ट, वॉर्शल, लॉकेट, पेच, ईयरफोन्स, राखियों सहित अन्य सामान पेट से निकाला गया। मोगा मेडिसिटी अस्पताल के निदेशक के मुताबिक व्यक्ति को 2 साल से पेट दर्द की समस्या थी। उनके पास सोमवार को उक्त मरीज इलाज के लिए पहुंचा था। उसके पेट में दर्द था और वह बुखार से तड़प रहा था।

एक्स-रे देख डॉक्टर हैरान

मोगा मेडिसिटी अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार जब उस मरीज के पेट का एक्स-रे और स्कैन किया गया तो सब हैरान रह गए। उसके पेट में नट बोल्ट, पेंच, राखियां, लॉकेट, एयरफोन्स, मैगनेट के अलावा बहुत कुछ था। डॉक्टरों ने बताया कि उनके करियर में यह पहला केस है, लेकिन फिर भी डॉक्टर ने तीन घंटे के सफल आपरेशन के बाद यह सारा सामान निकाला। हालांकि, लंबे समय से यह सामान पेट में रहने की वजह से मरीज की हालात ठीक नहीं है ।

पेट दर्द की समस्या से परेशान था युवक

मरीज के परिवार वालों ने बताया कि कुलदीप 3 दिन से पेट दर्द की समस्या से बेहद परेशान था। उसे दर्द की वजह से नींद भी नहीं आ रही थी, लेकिन वह घर वालों से अपनी परेशानी को छिपाता रहा। वे कई बार उसे डॉक्टर के पास लेकर गए, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा, जिसके बाद पेट में दर्द और बुखार आने लगा तो एक डॉक्टर को दिखाया गया।

डॉक्टरों ने एक्स-रे कराने को कहा। इसके बाद मरीज को मोगा मेडिसिटी लाया गया, जहां उसका आपरेशन किया गया। परिवार के लोगों को भी नहीं पता कि वह यह सब वह कैसे खा गया। वहीं, उन्होंने बताया कि उनका बेटा मानसिक तौर पर भी परेशान रहता था।

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