नोएडा : देश 11वां योग दिवस 21 जून यानी शनिवार को मनाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस दिन को खास बनाने के लिए कई तरह के प्लान बना चुकी हैं। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने योग महाकुंभ श्रृंखला की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत, नोएडा में आयोजित 'योग महासंगम' 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक दिव्य, प्रेरणादायक और जनसहभागिता से परिपूर्ण आयोजन बनकर उभर रहा है। आशा है कि इस बार लाखों की संख्या में लोग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे।
नोएडा में कहां आयोजित होंगे योग कार्यक्रम
यह कार्यक्रम अर्हं ध्यान योग के तत्वावधान में आयुष मंत्रालय, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), जैन समाज सेक्टर 50, विश्व जैन संगठन, और स्यादवाद युवा क्लब के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य आयोजन 21 जून 2025 को शिवालिक पार्क, सेक्टर 33A, नोएडा (नोएडा हाट के सामने) सुबह 5:00 बजे से 7:00 बजे तक होगा।
योग सप्ताह की शुरुआत 15 जून 2025 को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 50 में एक अत्यंत भावपूर्ण सत्र से हुई, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर समाधि सम्राट संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के प्रभावशाली शिष्य मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में अर्हं ध्यान योग का अभ्यास कराया गया।
कौन अतिथि रहे शामिल
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें आनंद मोहन सिंह, निदेशक (उद्यान) नोएडा प्राधिकरण, आईआरएस एकता जैन, रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक रवि जैन के साथ ही अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और योगप्रेमी भी इस आयोजन का हिस्सा बने। इस अवसर पर “योग हरित” राष्ट्रीय थीम के अंतर्गत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जो आंतरिक शांति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के समन्वय का सुंदर प्रतीक बना।
अर्हं ध्यान योग, जो आयुष मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त एक आधिकारिक भागीदार है, एक प्राचीन श्रवण परंपरा पर आधारित ध्यान साधना प्रणाली है। इस संस्था द्वारा पूर्व में लाल किला, ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, खजुराहो, झाँसी किला, कुतुब मीनार, तथा सवाई मानसिंह स्टेडियम जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर योग सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से कई में 20,000+ प्रतिभागियों ने भाग लिया।
21 जून को होने वाले आगामी योग महासंगम के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को एक सुविधाजनक, समावेशी और आनंदमय अनुभव प्राप्त हो सके। यह केवल एक योग अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की जीवंत आध्यात्मिक विरासत का उत्सव, शांति का साझा संकल्प, और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की दिशा में एक सामूहिक कदम है।
