Noida Crime News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नोएडा में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक के घर में हुई डकैती के मामले को सुलझा लिया है। जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने निदेशक की पत्नी को बंधक बनाकर डकैती की इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने उनके घर से 60 लाख रुपये, कीमती गहनें और प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट लूट लिए थे।
आरोपियों के पास से 4.70 लाख रुपये बरामद
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 30 वर्षीय परवीन उर्फ मोटा को गिरफ्तार किया। परवीन दिल्ली के शाहबाद डेयरी की रहने वाली है। जिससे पूछताछ करने पर उसने अपने गिरोह के बारे में जानकारी दी। जिससे 41 वर्षीय आरोपी राजेश राय की गिरफ्तारी हुई। वह बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। राजेश डकैती के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.70 लाख रुपये भी बरामद किए।
आरोपियों ने जीपीएस ट्रैकिंग के डर से छोड़ी गाड़ी
डकैती की यह वारदात नोएडा के सेक्टर-61 में 22 फरवरी 2035 को हुई थी। बिहार के एक गिरोह ने कई हफ्तों तक योजना बनाकर इस डकैती को अंजाम दिया। इस गिरोह ने देवेंद्र नाम के अपने एक सहयोगी को राहुल के नाम से पीड़ित के घर पर रसोइया बनाकर भेजा। घर में पहुंचने पर उसने गिरोह के अन्य सदस्यों को भी अंदर आने में मदद की। आरोपियों के अंदर घुसते ही इन्होंने महिला को बंधक बना लिया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। जिसके बाद पीड़िता की टोयोटा फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गए। लेकिन जीपीएस ट्रैकिंग के डर से आरोपियों ने नोएडा में ही गाड़ी छोड़ दी।
डकैती में 8 लोगों का गिरोह शामिल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने बताया कि इस डकैती को 8 लोगों के गिरोह ने अंजाम दिया। जिसमें से 6 लोग सीधे तौर पर इस अपराध में शामिल थे। एक शख्स ने घर में घुसने के लिए रसोइया की व्यवस्था की। वहीं दूसरे ने सिम कार्ड उपलब्ध कराए। इस साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड के तौर पर राजेश राय और अमित की पहचान हुई है। वहीं सोनू बाहर निगरानी रख रखा था। सभी आरोपियों ने लूटे गए कीमती सामान को आपस में बांट लिया। सोनू और राजेश को लूट में से 8 लाख रुपये का हिस्सा मिला।
