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Noida Cricket Stadium: नोएडा में भी उठा सकेंगे IPL का मजा, जानें कहां बनने जा रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 30, 2023, 06:32 PM IST

Noida International Cricket Stadium: नोएडा के सेक्टर 150 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बनाने की मंजूरी UPCA से मिल गई है। अगले तीन सालों में यह स्टेडियम बनने की उम्मीद है।

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नोएडा में बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

International Cricket Stadium In Noida: अगर आप नोएडा में IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट मैच देखना चाहते हैं, तो आपकी ख्वाहिश जल्द ही पूरी होने वाली है। दरअसल, नोएडा में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने नोएडा के सेक्टर 150 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के प्रमुख विकासकर्ता द्वारा प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडयिम के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक, यह स्टेडियम नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के नजदीक सेक्टर 150 में बनाया जाएगा। यह शहर के ट्रैफिक के लिए भी काफी मुफीद रहेगा। इस स्टेडियम को 35 हजार दर्शक क्षमता के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा, जहां क्रिकेट के लिए सभी विश्व स्तरीय सुविधाएं मौजूद होंगी।

अगले तीन सालों में बनकर होगा तैयार

जानकारी के तहत, यह स्टेडियम अगले तीन सालों में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इसका प्लेइंग एरिया 137.6 मीटर का रहने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि नोएडा अथॉरिटी से लेआउट को मंजूरी मिलते ही अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को बनाने का काम शुरू हो जाएगा।

यूपी को मिलेगा चौथा क्रिकेट स्टेडियम

नोएडा के सेक्टर 150 में बनने वाला उत्तर प्रदेश का चौथा क्रिक्रेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। उत्तर प्रदेश में कानपुर का ग्रीन पार्क और लखनऊ का इकाना स्टेडियम पहले से मौजूद है। इसके अलावा वाराणसी के गंजारी में मार्च के बाद स्टेडियम का निर्माण शुरू होगा। इस स्टेडियम को बीबीसीआई द्वारा बनवाया जाना है। इसका निर्माण कार्य मार्च के बाद शुरू होगा।

क्रिकेट एकेडमी के लिए हुआ जमीन अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश क्रिकेट ऐसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव अंकित चटर्जी ने बताया, हमारी कमेटी ने इस प्रस्ताव को अपनी अनुमति दे दी है। इस स्टेडियम में सभी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक होंगी। उन्होंने बताया, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी के बाद नोएडा उत्तर प्रदेश का चौथा शहर होगा, जहां क्रिकेट एकेडमी बनकर तैयार होगी। उन्होंने कहा, एकेडमी के लिए जमीन का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। इसी तरह की एक एकेडमी गाजियाबाद में भी बनाए जाने की योजना है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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