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Delhi News: सत्य निकेतन इमारत हादसे पर दिल्ली HC में आज सुनवाई, PIL में 1 करोड़ मुआवजे समेत ये मांगें

Delhi News: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को याचिका पर सुनवाई होगी। याचिका में मृतक छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा, दिल्ली के PG व हॉस्टलों का सुरक्षा ऑडिट और हादसे की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

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दिल्ली हाई कोर्ट (File Image)

Photo : PTI

Delhi Building Collapse: दिल्ली में सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पीजी की 5 मंजिला इमारत ढहने का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के एक लॉ छात्र ने जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस याचिका में मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने, दिल्ली के सभी PG और हॉस्टलों का सुरक्षा ऑडिट कराने और हादसे की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने सोमवार को ही इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है।

याचिका में क्या हैं मुख्य मांगें?

लॉ स्टूडेंट अनिकेत कुमार गुप्ता ने वकील उमेश कुमार के जरिए यह याचिका दायर की है। इसमें दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों को पक्ष बनाया गया है। याचिका में छात्रों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित करने की मांग की गई है।

1 करोड़ रुपये का मुआवजा - हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ की आर्थिक मदद और सभी घायलों को उचित मुआवजा दिया जाए। हादसे में दिव्यांग हुए छात्रों के लिए नौकरी की सुरक्षा की भी मांग की गई है।

दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई- याचिका में हादसे की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। इसमें बिल्डिंग मालिक, ठेकेदार, बिल्डर, आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मरम्मत करने वाले मजदूरों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की बात कही गई है।

स्वतंत्र जांच कमेटी- इमारत गिरने की सटीक वजह जानने के लिए एक स्वतंत्र बनाने की मांग की गई है, जो यह पता लगाए कि बिल्डिंग आखिर क्यों गिरी और क्या वह स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा मानकों के मुताबिक बनी थी। क्या इसमें अवैध मंजिलें जोड़ी गई थीं या पिलर से छेड़छाड़ की गई थी।

दिल्ली के प्रमुख छात्र इलाकों में तुरंत हो सेफ्टी ऑडिट

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पहले सत्य निकेतन और फिर दिल्ली के तमाम प्रमुख छात्र इलाकों में बने पीजी व हॉस्टलों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। इनमें विजय नगर, कमला नगर, हडसन लेन, गुरुमंडी, मुखर्जी नगर, गांधी विहार, नेहरू विहार, करोल बाग, ओल्ड राजेंद्र नगर और लक्ष्मी नगर इलाके शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि जांच में जो भी इमारतें असुरक्षित पाई जाएं, उन्हें तुरंत खाली कराकर सील किया जाए। साथ ही ऐसी इमारतों में रहने वाले छात्रों को सुरक्षित वैकल्पिक आवास मुहैया कराया जाए।

पीजी का पब्लिक डेटाबेस बनाने की मांग

याचिका में मांग की गई है कि जांच किए गए सभी पीजी और हॉस्टलों का एक सार्वजनिक डेटाबेस (ऑनलाइन पोर्टल) बनाया जाए। इसमें यह जानकारी हो कि किस बिल्डिंग का निरीक्षण हुआ है, उसकी स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेशन की स्थिति क्या है और वहां किस तरह के इस्तेमाल की अनुमति है।इससे छात्र और उनके माता-पिता रहने के लिए जगह चुनने से पहले जानकारी हासिल कर सकेंगे।

सबूत सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में हादसे से जुड़े अहम सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। इनमें मलबा, बिल्डिंग का स्वीकृत नक्शा, नगर निगम के रिकॉर्ड, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट, निरीक्षण रिपोर्ट, CCTV फुटेज और निर्माण या मरम्मत से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। PIL में घनी आबादी वाले छात्र इलाकों के लिए आपातकालीन रेस्क्यू प्रोटोकॉल बनाने की मांग भी की गई है। इसके तहत बिल्डिंग गिरने जैसी घटना में दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, एंबुलेंस, NDRF और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तेजी से और मिलकर काम करने की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

दिल्ली में रविवार को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला बॉयज पीजी इमारत बेसमेंट समेत ढह गई थी। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद से NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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