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नशे के बढ़ते अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, देश में बनेंगी 449 स्पेशल NDPS कोर्ट; 6 महीने में काम पूरा करने का निर्देश

Supreme Court: नशे के अपराधों और लंबित मामलों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को 6 महीने में देशभर में 449 विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)

Supreme Court: नशे से जुड़े अपराधों में लगातार बढ़ोतरी और लंबित मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देशभर में 449 विशेष NDPS कोर्ट स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने इन अदालतों को जल्द से जल्द स्थापित करने का निर्देश दिया है और छह महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

अभी सिर्फ 176 एक्सक्लूसिव NDPS कोर्ट चालू

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नोट किया कि देश में NDPS मामलों के लिए संशोधित राष्ट्रीय जरूरत 449 एक्सक्लूसिव कोर्ट की है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 176 अदालतें ही काम कर रही हैं।

कोर्ट ने यह भी बताया कि पिछली समीक्षा के समय देश में 394 एक्सक्लूसिव NDPS कोर्ट की जरूरत आंकी गई थी, जबकि उस समय सिर्फ 113 अदालतें स्थापित हुई थीं।

नशे के अपराधों में 'अलार्मिंग' बढ़ोतरी पर चिंता

CJI सूर्यकांत ने NDPS Act के तहत मामलों की मौजूदा पेंडेंसी और नारकोटिक्स से जुड़े अपराधों में चिंताजनक बढ़ोतरी को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि इन अदालतों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 449 एक्सक्लूसिव NDPS कोर्ट जितनी जल्दी संभव हो, अधिमानतः छह महीने के भीतर स्थापित की जाएं।

NIA मामलों के लिए भी बढ़ी स्पेशल कोर्ट की संख्या

सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि देश में 8 नई एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट जोड़ी गई हैं. इसके साथ अब देशभर में NIA मामलों के लिए ऐसी अदालतों की कुल संख्या 22 हो गई है।

कोर्ट ने उन राज्यों को भी समय-सीमा के भीतर कार्रवाई करने को कहा है, जिन्होंने आकलन के मुताबिक अभी तक जरूरी संख्या में एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट स्थापित नहीं की हैं।

कर्नाटक में 3 नई NIA कोर्ट प्रस्तावित

कर्नाटक ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बेंगलुरु, चिक्कमगलुरु और उडुपी में तीन NIA कोर्ट प्रस्तावित हैं. राज्य के मुताबिक इन अदालतों को दो सप्ताह के भीतर नोटिफाई किए जाने की संभावना है। बिहार ने बताया कि राज्य में NIA के 16 मामले लंबित हैं और दो एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट पहले से काम कर रही हैं।

तेलंगाना में एक कोर्ट को पर्याप्त माना गया

तेलंगाना ने कोर्ट को बताया कि राज्य में करीब 9 NIA मामले लंबित हैं, जबकि 5-6 अन्य मामले अभी जांच के स्तर पर हैं. राज्य के मुताबिक फिलहाल एक नामित NIA कोर्ट पर्याप्त है, लेकिन उसे प्रभावी रूप से काम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने हैं।

केरल से CJI सूर्यकांत ने कहा- प्रक्रिया तेज करें

केरल ने बताया कि दो एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट के गठन के आदेश जारी किए जा चुके हैं और उनके लिए परिसर भी चिन्हित कर लिए गए हैं. राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए दो से तीन महीने का समय मांगा। इस पर CJI सूर्यकांत ने प्रक्रिया को और तेज करने का निर्देश दिया।

सिर्फ कोर्ट बनाने का आदेश नहीं, स्टाफ भी देना होगा

सुप्रीम कोर्ट का जोर सिर्फ नई अदालतें स्थापित करने पर नहीं है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि अदालतें सिर्फ कागजों पर स्थापित न रहें, बल्कि NDPS और NIA मामलों की सुनवाई प्रभावी तरीके से हो सके।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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