नोएडा: न्यू नोएडा को बसाने की कवायद तेज कर दी गई है। बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान 2041 को लेकर आई सभी 19 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है। अब वहां जमीन का अधिग्रहण कैसे किया जाए इसका प्लान खाका तैयार किया जाएगा। इसके लिए बॉयलाज में नियमित बदलाव किया जाएगा। क्योंकि वर्तमान में जहां न्यू नोएडा के लिए जमीन पर स्कूल या अस्पताल बने हैं, वहां औद्योगिक ईकाइयां पास में है। इसलिए भू प्रयोग में बदलाव के साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यही कारण है कि फाइल को दोबारा से बोर्ड में रखकर मास्टर प्लान-2041को पास किया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तय नहीं
दादरी नोएडा गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन में 80 गांव सम्मिलित हैं। यहीं पर नई सिटी बसाने के लिए जमीन खरीदी जानी है। लिहाजा, अब इस मास्टर प्लान को इसी महीने होने वाली बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद जो भी चर्चा में आखिरी मसौदा तैयार होगा उसे शासन को भेजा जाएगा। वहीं, दूसरी ओर नए नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया क्या होगी, यह अभी तय नहीं हो सका है। संभावना है कि नोएडा में पहले जिस अधिग्रहण की प्रक्रिया को अपनाया गया था उसी के आधार पर इसे भी आगे बढ़ाया जाएगा। यहां पर प्राधिकरण सीधे किसानों से सहमति के अलावा जिला प्रशासन के जरिए धारा-4 व 6 प्रक्रिया के तहत भी जमीन लेता रहा है।
सीईओ ने किया निरीक्षण
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने सेक्टर-137 से लेकर बरौला, सलारपुर एरिया का निरीक्षण किया था। इस दौरान सड़क और फुटपाथ की सफाई व्यवस्था पूरी तरह खराब मिली। इस पर उन्होंने मैकेनिकल स्वीपिंग एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए थे। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी सही नहीं मिली। इस पर सीईओ ने जोन के प्रभारी इंजीनियर को नोटिस जारी करने के लिए कहा। सीईओ ने देखा कि जिस जगह एनएसइजेड की तरफ भंगेल एलिवेटेड रोड उतरेगा, वहां पुल की चौड़ाई कम है। वहां पर सीईओ ने जरूरी काम कराने के निर्देश दिए।
