Noida News: आज के समय में पेट लवर्स पालतू जानवरों को अपने बच्चे और परिवार के एक सदस्य की तरह पालते हैं। उनके खाने-पीने से लेकर उनकी हेल्थ और ग्रूमिंग का भी पूरा ध्यान रखते हैं। वह कुछ भी भूल सकते हैं, लेकिन अपने पालतू जानवर को कभी नहीं भूल पाते हैं, क्योंकि ये उनकी पहली प्राथमिकता (Priority) होती है। आज के समय में लोग किसी जानवर को केवल परिवार के सदस्य की तरह ही नहीं पालते, बल्कि उनके जाने के बाद अंतिम विदाई भी बिल्कुल घर के सदस्य के रूप में देते हैं। ऐसा ही एक मामला नोएडा से सामने आया है, जहां कुत्ते के मालिक ने उसकी मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।
नोएडा के सर्फाबाद गांव में स्थित शमशान घाट में एक व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते का अंतिम संस्कार करना चाहता था। इसके चलते पूरे गांव में तनाव फैल गया और लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस मामले को लेकर दो पक्ष है। जहां एक पक्ष अंतिम संस्कार का समर्थन कर रहा है। वहीं दूसरा पक्ष इससे असमर्थ है। एक पक्ष का कहना है कि कुत्ता परिवार के एक सदस्य की तरह था, इसलिए उसका अंतिम संस्कार पूरे विधि विधान के साथ किया जाना चाहिए। वहीं दूसरा पक्ष कहता है कि यहां किसी पशु और पक्षी का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि अगर आज कुत्ते का अंतिम संस्कार किया जाता है, तो ये एक नई परंपरा बन जाएगी।
गूगल पर मिला अंतिम संस्कार करवाने वाले पंडित का नंबर
आईटी कंपनी में वर्क फ्रॉम होम कर रहे प्रज्वल के पास जर्मन शेफर्ड प्रजाति का कुत्ता था, जिसका नाम इंदुमती था। कई दिनों से बीमार होने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। प्रज्वल ने गूगल पर कुत्ते के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया देखना शुरू किया। तभी उसे एक पंडित का नंबर मिला, जिसने कुत्ते का अंतिम संस्कार विधि विधान से करवाने की बात की और उसके लिए 7 हजार रुपये लिए। पंडित के बताए अनुसार, प्रज्जवल अपने कुत्ते को लेकर सेक्टर 72 के अंत्येष्टि स्थल पहुंचे। पंडित ने लकडियों पर कुत्ते को रखा और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की। कुछ ही मिनटों में सर्फाबाद गांव के लोग वहां पहुंचे और कुत्ते के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया।
कुत्ते के अंतिम संस्कार की बात पर अड़े लोग
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने विवाद के दौरान कुत्ते के मालिक की जमकर पिटाई की। कुत्ते के अंतिम संस्कार का मामला लेकर पशु प्रेमियों का एक समूह पुलिस तक पहुंचा और अंतिम संस्कार की बात पर अड़ गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाकर इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि कुत्ते के मालिक के साथ शव को दफनाने पर सहमति बनी है। इसके बाद कुत्ते के शव को दफनाया गया। प्रज्जवल बताते हैं कि कुत्ता कई वर्षों से उनके परिवार का हिस्सा रहा है। यही कारण है कि वह उसकी मृत्यु के बाद उसका विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार करना चाहते थे। लेकिन विवाद के चलते ये हो न सका और कुत्ते को दफनाया गया।
