Dog Bite Hotspots: दिल्ली से सटे NCR के प्रमुख शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 34 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां पर कुत्ते सबसे ज्यादा हिंसक हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुत्तों के काटने के लिहाज से इस साल 14 नए हॉटस्पॉट की पहचान की है। पिछले साल तक ऐसे हॉटस्पॉट की संख्या 20 थी। इस तरह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 34 ऐसे हॉटस्पॉट की पहचान हुई है, जहां कुत्ते सबसे ज्यादा हिंसक हैं।
कैसे की गई हॉटस्पॉट की पहचान
स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुत्ता काटने के लिहाज से हॉटस्पॉट की संख्या 34 बताई है। लेकिन प्रश्न है कि इन हॉटस्पॉट की पहचान कैसे की गई? हॉटस्पॉट की पहचान एंटी रेबीज टीका लगवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के आधार पर की गई है।
कहां सबसे ज्यादा कटखने हुए कुत्ते
जिन इलाकों में सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने की वारदात हो रही है, उनमें के कुछ के नाम हम यहां दे रहे हैं। नोएडा के सेक्टर-110, नगला चरणदास, दुजाना, अच्छेजा, छपरौला, कुलेसरा, ओमीक्रोन, डाढ़ा, कासना, फतेहपुर, जलपुरा, खेरली, पलवारी और जेवर इन हॉटस्पॉट में शामिल हैं। यहां पर आवारा के साथ ही पालतू कुत्तों के काटने की स्थिति की भी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ले रहा है। दूसरी तरफ लोगों को कटखने कुत्तों से बचाव के लिए जागरुक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। बचाव के साथ ही एंटी रेबीज टीका लेने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता
दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार डिप्टी सीएमओ डॉक्टर टीकम सिंह ने बताया कि हॉटस्पॉट की संख्या बढ़ने के कारण इस जगहों पर निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों से नियमित तौर पर रिपोर्ट भी ली जा रही है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज टीका उपलब्ध कराया गया है, ताकि कुत्ता काटने पर जल्द से जल्द पीड़ित को लगाया जा सके।
हर महीने रेबीज के 10 हजार टीके लग रहे
जिला अस्पताल, जिम्स सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हर महीने 8-10 हजार खुराक एंटी रेबीज टीकों की खपत हो रही है। यह आंकड़े सिर्फ सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के हैं। बड़ी बात यह है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ा संख्या में लोग प्राइवेट अस्पतालों में यह टीके लगवा लेते हैं, जिनका आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। यह संख्या भी हजारों में हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल में हर रोज औसतन 200-225 लोगों को एंटी रेबीज टीका लगाया जा रहा है, जो पूरे जिले में सबसे ज्यादा है। जिले में करीब 90 फीसद मामले कुत्ते के काटने के आते हैं। इसके अलावा 10 फीसद मामलों में बंदर, बिल्ली और अन्य जानवरों के काटने के भी सामने आते हैं। उन्हें भी एंटी रेबीज टीका लगाया जाता है।
