हरिद्वार और नजीबाबाद के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। नेशनल हाईवे-34 (NH34) के लगभग 50 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन करने का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। जुलाई 2026 तक की प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, हाईवे का बड़ा हिस्सा ट्रैफिक के लिए तैयार हो चुका है। इससे आने वाले समय में हरिद्वार से नजीबाबाद के बीच आवागमन तेज और सुगम होने की उम्मीद है।
यूपी सीमा में पूरा हुआ महत्वपूर्ण काम
इस परियोजना को लेकर सबसे बड़ी बात ये है कि यूपी की सीमा में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। भागूवाला से राहतपुर खुर्द गांव तक का हिस्सा पूरी तरह से तैयार है। नजीबाबाद बाईपास और यहां बना रेलवे ओवरब्रिज (ROB) भी अब चालू हो चुका है। पिछले साल दिसंबर तक इन हिस्सों में निर्माण कार्य चल ही रहा था।
टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरे, बूम बैरियर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। इससे टोल कलेक्शन और हाईवे की निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड में वन क्षेत्र और फ्लाईओवर चुनौती
हालांकि, हाईवे के उत्तराखंड वाले हिस्से में कुछ बहुत ही अहम काम अब भी बाकी हैं। हरिद्वार में चंडी घाट के पास, जहां से यह हाईवे शुरू होता है, हरिद्वार बाईपास के शुरुआती हिस्से में नया फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।
वन क्षेत्र में परमिशन की दिक्कत ने रोका काम
प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा समय दो प्रमुख वन क्षेत्रों के बीच पड़ने वाले हिस्से में लग सकता है। यहां वन विभाग से जुड़ी परमिशन संबंधी दिक्कतों के चलते एप्रोच रोड और आरई वॉल (RE Wall) फिलिंग का काम अब भी पूरा नहीं हो पाया है।

हाईवे का काम तेजी से हो रहा पूरा, वन क्षेत्र में प्रोग्रेस थमी (x.com/DetoxTravellerr)
गंगा पुल से ट्रंपेट इंटरचेंज तक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार
गंगा नदी पर बना नया पुल अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और इसके दोनों तरफ में गाड़ियां अपनी निर्धारित लेन से गुजर रहे हैं। कैनाल क्रॉसिंग और छोटे पुलों पर रोड मार्किंग का काम भी पूरा किया जा चुका है।
यहां बनाया गया है ट्रंपेट इंटरचेंज
नजीबाबाद की ओर से बाईपास पर जाने वाली गाड़ियों के लिए स्पेशल रैंप और ट्रंपेट इंटरचेंज तैयार किया गया है। इससे ट्रैफिक का डायवर्जन और भी ज्यादा व्यवस्थित होगा और अनावश्यक रुकावट कम होने की उम्मीद है।
पिछले सात महीनों में NH34 के चौड़ीकरण की इस परियोजना के काम में तेजी आई है। वन क्षेत्र से जुड़े शेष कार्य भी पूरे होने के बाद यह कॉरिडोर दिल्ली से गढ़वाल तक की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही हरिद्वार-नजीबाबाद यात्रा को और आसान बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
नोट - इस ताजा अपडेट में दी गई जानकारी और तस्वीरें इंफ्रा व्लॉगर मोहित कुमार के सोशल मीडिया हैंडल x.com/DetoxTravellerr से साभार ली गई हैं।
