मुंबई

180 की रफ्तार से दौड़ाई BMW, डंपर से टकराया; अटल सेतु पर रियल एस्टेट एजेंट के बेटे की मौत

देश के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बीएमडब्ल्यू कार दौड़ा रहा युवक नियंत्रण खोते ही डंपर से जा टकराया, जिससे उसकी मौत हो गई।

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अटल सेतु पर कार-डंपर एक्सीडेंट

मुंबई : अटल सेतु पर शुक्रवार तड़के एक कार के डंपर से टकराने के कारण कार में सवार 28 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। सेवरी पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना पुल की शुरुआत से करीब आठ किलोमीटर दूर तड़के 2:30 बजे घटी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुंबई से पनवेल की ओर जा रही तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार एक डंपर से टकरा गई। कार चला रहे चेंबूर निवासी पुनीत सिंह माजरा की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डंपर अटल सेतु की साइड रेलिंग से जा टकराया। इस दुर्घटना में डंपर का चालक भी घायल हो गया। दुर्घटना के संबंध में सेवरी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चला रहा था कार

मुंबई में अटल सेतु पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से BMW चला रहे 28 वर्षीय युवक की डंपर से टकराने से मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह अटल सेतु पर युवक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और डंपर से जा टकराया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि चेंबूर निवासी पुनीत सिंह माजरा 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार को दौड़ा रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, रियल एस्टेट एजेंट का बेटा पुनीत माजरा शुक्रवार तड़के करीब 2.30 बजे अटल सेतु के उत्तर की ओर पनवेल की ओर जाने वाली लेन पर BMW एक्स1 मॉडल चला रहा था, तभी उसने नियंत्रण खो दिया और डंपर से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का मलबा लोडेड डंपर में फंस गया। राहगीरों ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। हादसे की सूचना पर सीवरी पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस CCTV समेत मामले की जांच में जुटी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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