मुंबई

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट के मामलों में आई कमी, जानें कैसे हुआ ये कमाल

देश का पहला एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे था। यह एक्सप्रेसवे एक्सीडेंट्स की वजह से पूर्व में बदनाम रहा है। लेकिन इस साल एक खास वजह से यहां एक्सीडेंट के मामलों में अच्छी-खासी कमी आयी है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है वह वजह और कैसे यह एक्सीडेंट रोकने में सफल रहा है।

Image

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे

Photo : Twitter

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai-Pune Expressway) देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक है। यहां पर कई बड़े-बड़े एक्सीडेंट हो चुके हैं। इस एक्सप्रेसवे पर पूर्व में हुए कई सड़क हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन अब यहां पर एक्सीडेंट की संख्या में काफी कमी देखने को मिली है। यहां पिछले 4 महीनों में छोटे-मोटे सड़क हादसों में घायलों और मृतकों की संख्या में भी भारी कमी आई है। जबकि महाराष्ट्र में ही मुंबई और नागपुर के बीच बने समृद्धि एक्सप्रेसवे (Samruddhi Expressway) पर इस दौरान 55 मौतें हुई हैं। चलिए जानते हैं आखिर कैसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में इतनी कमी आयी है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया गया है, जिसने यहां पर एक्सीडेंट के मामलों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के डाटा के अनुसार इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच 10 घातक एक्सीडेंट हुए और इनमें कुल 11 लोगों को मौत हुई। जबकि इसी दौरान मुंबई से नागपुर के बीच समृद्धि एक्सप्रेसवे पर कुल 47 एक्सीडेंट हुए और 55 लोगों की जान चली गई।

राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जुलाई 2024 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगाए गए ITMS ने सड़क हादसे कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। इसके अलावा यहां पर नियमों को कड़ाई ले लागू किया गया है, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और पब्लिक अवेयरनेस ड्राइव का भी घातक एक्सीडेंट कम करने में अहम रोल रहा है।

सिस्टम के तहत एडवांस सर्विलांस कैमरा और ऑटोमेटिड सिस्टम के जरे 17 वायलेशन ओवरस्पीड, गैरकानूनी पार्किंग, रॉन्ग एंट्री, सीट बेल्ट न लगाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल के पकड़े गए हैं। एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर भारत काल्सकर ने कहा, ITMS बचाव का अच्छा साधन साबित हुआ है और यह ओवर स्पीड को कंट्रोल करने में भी मददगार साबित हुआ है। वैसे भी ओवरस्पीड के कारण ही ज्यादा एक्सीडेंट और मौतें होती हैं। उन्होंने बताया कि कई सारे चालान होने के बाद ड्राइवर ओवरस्पीड की हिम्मत नहीं करते।

उन्होंने बताया कि ITMS की वजह से ड्राइवर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग और लेन कटिंग से बचते हैं। आगे चलकर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी ITMS लगाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि 95 किमी लंबे मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे को दो दशक से ज्यादा का समय हो चुका है और यह देश का पहला एक्सेस कंट्रोल, 6 लेन का एक्सप्रेसवे है, जो मुंबई और पुणे को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे का आधिकारिक नाम यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे रखा गया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article