Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर के बाद भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में चीजें फिलहाल सामान्य नहीं हो पाई हैं। पावर के लिए एनसीपी चीफ शरद पवार (चाचा) बनाम महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार (भतीजे) की लड़ाई जगजाहिर हुई। मंगलवार (चार जुलाई, 2023) को इसी कड़ी में अजित ने एनीसीपी के नए पार्टी दफ्तर का उद्घाटन किया, जहां पर शरद की तस्वीर भी रखी गई।
हालांकि, चाचा ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जाहिर की और उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनकी विचारधारा के साथ "धोखा किया" उन्हें उनका फोटो इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। पत्रकारों से उन्होंने यह भी कहा- मैं जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और जयंत पाटिल प्रदेश अध्यक्ष हैं...सिर्फ वे (पार्टी) ही मेरी तस्वीर का इस्तेमाल कर सकती है। जिन्होंने मेरी विचारधारा को धोखा दिया और जिनके साथ मेरे वैचारिक मतभेद हैं वे मेरी तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
इस बीच, मंगलवार (चार जुलाई, 2023) को सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि शरद एनसीपी संकट पर कानूनी राय ले रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने बताया कि सोमवार रात सतारा से लौटने के बाद वह मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से निपटने के मद्देनजर कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रहे हैं। कानूनी राय लेना जरूरी है, क्योंकि यह मुद्दा संविधान की 10वीं अनुसूची से संबंधित है।
दरअसल, चाचा शरद की यह टिप्पणी भतीजे अजित और एनसीपी के आठ बाकी विधायकों के महाराष्ट्र की शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में शामिल होने के दो दिन बाद आई है। अजित पवार वाले गुट ने भी जयंत पाटिल को एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया, जबकि पाटिल ने विस अध्यक्ष को अर्जी देकर अजित और उनके बाकी सहयोगी विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य करार देने का अनुरोध किया।
