Leake in Mumbai Coastal Road Tunnel : मुंबई कोस्टल सुरंग के एक हिस्से को दो माह पहले यानी 11 मार्च को यातायात के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, इसके इसका निर्माण कार्य में कोई खामी थी या नहीं? लेकिन 2 माह पूर्व खुली सुरंग में पानी का रिसाव देखने को मिला। ऐसी स्थिति में इसके सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसकी दीवार और छत से पानी की रिसाव जारी है। उधर, प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर के पास दक्षिण की ओर जाने वाली सुरंग के छोर पर परीक्षण के बाद मरम्मत कार्य किया गया फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
दीवारों-छत में पानी का रिसाव
फ्री प्रेस जनरल के हवाले से दक्षिण की ओर जाने वाली सुरंग की दीवारों के दोनों ओर रिसाव दिखाई दे रहा है। ऊपर स्लैब भी गीला दिखाई दे रहा है। लगातार पानी के रिसाव से दीवारों का पेंट इत्यादि उखड़ गया है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि ये समस्या गंभीर है। लिहाजा, बीएमसी इसकी जांज कर रहा है। अगर, इस समस्य़ा का जल्द समाधन हो तो सुंरग के दूसरे हिस्से (उत्तर की ओर) को खोलने की योजना है। यह अपने निर्माण के आखिरी दौर में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जून में इसे खोल दिया जाएगा।
बीएमसी कोस्टल प्रोजेक्ट के एक अधिकारी ने कहा कि ये दरारे नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक 20 से 30 के बीच जोड़ हैं, जहां से पानी का रिसाव हुआ है। हम इसको सील करने के लिए इंजेक्शन वॉटरप्रूफिंग और ग्राउटिंग का इस्तेमाल करेंगे। इस प्रक्रिया के बाद रिसाव की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
सीएम ने कही ये बात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में तटीय सड़क सुरंग का निरीक्षण करने के बाद रिसाव के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड टनल बृहन्मुंबई नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसमें जो भी खामिया हैं, उन्हें त्वरित प्रभाव से दूर करने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि मुंबई तटीय सड़क परियोजना के दूसरे चरण के तहत वर्ली और मरीन ड्राइव के बीच का हिस्सा यातायात के लिए 10 जून से खोल दिया जाएगा। शिंदे ने दक्षिण की ओर जाने वाली सुरंग में मरीन ड्राइव छोर पर हो रहे रिसाव का भी निरीक्षण किया। इस हिस्से का पहले चरण के तहत मार्च में उद्घाटन किया गया था।निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि तटीय सड़क पर सुरंग में जहां दो हिस्से एक साथ जुड़ते हैं, ऐसे दो से तीन जोड़ से रिसाव हो रहा है और ‘पॉलिमर ग्राउटिंग’ का उपयोग करके इन्हें बंद कर दिया जाएगा।
शिंदे ने कहा कि उन्होंने मानसून के दौरान भी पानी के रिसाव से बचने के लिए सुरंग के प्रत्येक तरफ सभी 25 जोड़ पर ‘पॉलिमर ग्राउटिंग’ का उपयोग करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य से तटीय सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वाहन चालकों को कोई असुविधा नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीन ड्राइव से वर्ली तक तटीय सड़क का दूसरा चरण 10 जून तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
