बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल कोविड संबंधी सभी घोटालों में शामिल हैं। इस मामले में अब बीजेपी नेता किरीट सोमैया आज दिल्ली में भारत सरकार के आला अधिकारियों से मुलाकात कर बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल की कोविड घोटालों में कथित सक्रिय भूमिका की जानकारी साझा करेंगे। कोविड ऑक्सीजन प्लांट घोटाले में ठेकेदार रोमिल छेड़ा की गिरफ्तारी और किरीट सोमैया के इन गंभीर आरोप के बाद बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल की भूमिका संदेह के घेरे में है।
हमारे पास ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट घोटाले से संबंधित वो पत्र भी मौजूद है जिसमें तत्कालीन मुंबई गार्जियन मंत्री असलम शेख ने जून 2021 में चहल को छेड़ा की कंपनी के बारे में चेतावनी देते हुए लिखा था। शेख ने लिखा था कि छेड़ा की कंपनी को जयपुर के एक अस्पताल ने ब्लैकलिस्ट कर दिया था और पहले पेंगुइन घोटाले में भी बीएमसी द्वारा दंडित भी किया गया था। सवाल यह है कि बीएमसी कमिश्नर ने इन रेड फ्लैग्स को नजरअंदाज क्यों किया और फिर भी छेड़ा की कंपनी को ऑक्सीजन प्लांट का टेंडर पास क्यों किया। इकबाल सिंह चहल ने खुद पर लगे इन आरोपों पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।
इससे पहले बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल पर उद्धव ठाकरे सरकार के बेहद करीबी होने का आरोप भी लगाया गया। गौरतलब है कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट एजेंसी भी कोविड घोटालों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है और इकबाल चहल से पूछताछ भी कर चुकी है। इसके अलावा मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की भी बॉडी बैग घोटाले और ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट घोटाले की जांच जारी है। ऐसे में बीजेपी नेता किरीट सोमैया अगर अपने आरोपों को लेकर कुछ तथ्य पेश कर पाए तो ना सिर्फ बीएमसी कमिश्नर की कुर्सी खतरे में आ सकती है बल्कि इकबाल सिंह चहल की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।
(अरुनील की रिपोर्ट)
