Mumbai Metro News: मुंबई में वरली मेट्रो स्टेशन से 'नेहरू' नाम हटाए जाने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने फड़नवीस सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि यह कदम देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की स्मृति का अपमान है। मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वरली का यह इलाका वर्षों से ‘नेहरू साइंस सेंटर’ के नाम से जाना जाता है और यहां तक कि मेट्रो के आधिकारिक ट्वीट में भी इसे डिस्कवरी हब्स की सूची में 'नेहरू साइंस सेंटर' के नाम से ही दर्ज किया गया है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया नेहरू नाम से एलर्जी होने का आरोप
सचिन सावंत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें नेहरू नाम से एलर्जी है, यही कारण है कि जानबूझकर स्टेशन के नाम से 'नेहरू' हटाकर केवल 'साइंस सेंटर' रखा गया। कांग्रेस ने इसे भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू, की विरासत और उनकी दूरदृष्टि का अपमान बताया। सावंत ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है कि भाजपा ने कई स्थानों से नेहरू का नाम हटाया है। सावंत ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय किया और नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) का नाम बदलकर 'माई भारत' कर दिया था।
नाम न बदलने पर दी आंदोलन की चेतावनी
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई मेट्रो लाइन 3 के स्टेशन से नेहरू नाम हटना को लेकर विरोध जताया। कांग्रेस ने मांग की है कि वरली मेट्रो स्टेशन का नाम "नेहरू साइंस सेंटर" स्टेशन रखा जाए। सावंत ने नाम हटाने को लेकर चेतावनी दी है कि यदि स्टेशन का नाम नहीं बदला गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। वहीं, फड़नवीस सरकार ने इस विवाद पर स्पष्टीकरण दिया और कहा कि जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार मेट्रो का प्रस्ताव लाए और उसकी नींव रखी, तभी से वरली मेट्रो स्टेशन का नाम "साइंस सेंटर" प्रस्तावित था, इसलिए इसमें कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए। नाम को लेकर यह विवाद उस समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मुंबई मेट्रो लाइन-3 के अंतिम चरण का उद्घाटन किया था।
