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53 KM का 4 लेन हाईवे और 4 बाईपास, कॉर्बेट नगरी रामनगर पहुंचना होगा आसान; जानें Latest Update

अगर आप कभी भी दिल्ली से कॉर्बेट की ओर गए होंगे तो बीच में करीब 45 किमी की सड़क और उसके गड्ढों को कभी नहीं भूल पाए होंगे। अब NHAI वहां पर 53 किमी लंबा 4 लेन हाईवे बना रहा है, जिस पर पिछले दो साल से काम चल रहा है। चलिए जानते हैं ताजा अपडेट -

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गड्ढे वाली सड़क से जल्द मुक्ति मिलेगी

अगर आप दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, गढ़गंगा, गजरौला और मुरादाबाद से काशीपुर और कॉर्बेट नगरी रामनगर की ओर जाते हैं, या कभी गए हैं तो यह खबर बढ़कर आपको खुशी होगी। खुशी इसलिए क्योंकि रामनगर की ओर जाने पर हाईवे का जो हिस्सा सबसे खराब है और जिसमें आपको सबसे ज्यादा परेशानी होती है, जल्द ही उसका कायाकल्प होने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) यहां पर 53 किमी लंबा एक 4 लेन हाईवे बना रहा है। यह हाईवे ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड दोनों ही है। ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड का मतलब क्या होता है, यह भी हम आपको इस खबर में बताएंगे। फिलहाल इस 53 किमी लंबे फोर लेन हाईवे के बारे में जानते हैं। यह कहां बनाया जा रहा है? कब इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ? इसका काम पूरा होने की डेडलाइन क्या है? और इस 4 लेन हाईवे के बन जाने से आपकी जिंदगी कितनी आसान हो जाएगी? तो फिर देर किस बात की चलिए जानते हैं -

कहां बनाया जा रहा है ये 4 लेन हाईवे?

River Bridge Corbett highway

तेजी से चल रहा है 4 लेन हाईवे का काम

यह 4 लेन हाईवे मुरादाबाद और काशीपुर के बीच बनाया जा रहा है। उत्तराखंड से ताल्लुख रखने के नाते मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह सकता हूं कि दिल्ली से रानीखेत तक के पूरे सफर में सबसे खराब सड़क इसी हिस्से में है। पिछले 30 वर्षों से मैं स्वयं इस रास्ते से आता-जाता हूं। यहां सड़क पर हमेशा बड़े-बड़े गड्ढे बने रहते हैं। इस सड़क पर इतने ज्यादा गड्ढे रहते हैं कि बचपन में हम इसे झूला सड़क कहा करते थे। लेकिन आज के दौर में यह कमरतोड़ सड़क है। यहां के गड्ढों को भरने की प्रक्रिया पूरी भी नहीं होती कि यह फिर से उखड़ जाते हैं। शायद यही कारण है कि NHAI ने यहां नए 4 लेन हाईवे का प्रोजेक्ट शुरू किया है।

यूपी और उत्तराखंड में बन रहा यह 4 लेन हाईवे

मुरादाबाद और काशीपुर के बीच बन रहा यह 4 लेन हाईवे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों को आपस में जोड़ता है। इस हाईवे के एक तरफ उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर मुरादाबाद है तो दूसरी तरफ उत्तराखंड का प्रमुख औद्योगिक शहर काशीपुर। काशीपुर को उत्तराखंड का प्रवेश द्वार भी कहा जा सकता है। इस हाईवे का 38.77 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, जबकि करीब 14 किमी हिस्सा उत्तराखंड में आता है। इस 4 हाईवे को बनाने की जिम्मेदारी राज कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दी गई है।

Corbett road infographic

मुरादाबाद-काशीपुर हाईवे की एक झलक (AI Graphic)

इस 4 लेन हाईवे का काम पूरा हो जाने पर यात्रियों की एक बड़ी परेशानी खत्म हो जाएगी। अभी सिर्फ 44 किमी की सड़क और सड़क के गड्ढों में डेढ़-दो घंटे तक जूझने की बजाए, 53 किमी का यह नया 4 लेन हाईवे फर्राटा मारते हुए आपको मिनटों में मुरादाबाद से काशीपुर पहुंचा देगा। इस हाईवे का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद झूला सड़क सिर्फ आपकी बुरी यादों में जिंदा रहेगा।

हाईवे पर चार बाईपास बनाए जा रहे हैं

इस 4 लेन हाईवे की शुरुआत पुराने 2 लेन के मुरादाबाद-काशीपुर हाईवे से होती है। बिजना गांव के पास से यह 4 लेन हाईवे शुरू होता है। जहां से यह 4 लेन हाईवे शुरू होता है, वहां के ठाकुरदारा 38 किमी और काशीपुर 44 किमी दूर है। नया मुरादाबाद बाइपास भी यहीं से गुजर रहा है, जिसके साथ यहां इंटरचेंज भी बनाया जा रहा है। इस 53 किमी के 4 लेन हाईवे पर कुल चार बाईपास बनाए जा रहे हैं। चलिए सभी के बारे में जानते हैं।

मुरादाबाद-काशीपुर 4 लेन हाईवे पर पहला बाईपास लगभघ 13 किमी लंबा है और ब्राउनफील्ड हिस्सा खत्म होने के बाद यहीं से ग्रीनफील्ड हिस्से की शुरुआत भी होती है। दूसरे बाईपास की लंबाई करीब 1.8 किमी है। हाईवे के बीच में आने वाले एक गांव के अंडरपास को पार करने के बाद इसकी शुरुआत होती है और वापस यह ब्राउनफील्ड से जुड़ जाता है। हाईवे पर तीसरे बाईपास की लंबाई 2.5 किमी है और चौथा बाईपास ठाकुरद्वारा में है, जिसकी लंबाई करीब 5 किमी है। यह 4 लेन हाईवे पर उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर मौजूद है, जिसके बाद हाईवे उत्तराखंड में प्रवेश कर जाता है।

Corbett highway greenfield

पूरे हाईवे पर 4 ग्रीनफील्ड बाईपास बनाए जा रहे हैं

कब शुरू हुआ और कब पूरा होगा इस हाईवे का काम

मुरादाबाद-काशीपुर 4 लेन हाईवे पर यूपी वाले हिस्से का काम 15 मार्च 2024 को शुरू हुआ था। यानी इस निर्माण कार्य को शुरू हुए दो साल से अधिक का समय गुजर चुका है। हाईवे का काम पूरा होने की डेडलाइन 14 मार्च 2026 थी, जो पहले ही गुजर चुकी है। अब इस कार्य के पूरा होने की अगली डेडलाइन 7 दिसंबर 2026 की है, यानी अभी से लगभग 7 महीने बाद की। तो क्या तब तक इस 4 लेन हाईवे का काम पूरा हो जाएगा? चलिए आगे जानते हैं।

मुरादाबाद-काशीपुर 4 लेन हाईवे की मौजूदा प्रोग्रेस

मुरादाबाद-काशीपुर 4 लेन हाईवे का काम पूरा होने का इंतजार हर उस शख्स को है, जो मुरादाबाद से काशीपुर, रामनगर, रानीखेत, धूमाकोट, रिखड़ीखाल, बीरोंखाल की ओर आता-जाता है। इस 4 लेन हाईवे पर कई जगह अभी अर्थवर्क यानी मेन कैरिजवे पर मिट्टी डालने का काम और स्ट्रक्चरह बनाने का काम ही किया जा रहा है। कुछ जगहों पर फ्लाईओवर के पियर्स और गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा हो चुका है। रेलवे ओवर ब्रिज और कुछ अन्य पुलों पर भी अभी काफी काम बचा हुआ है। काम की प्रोग्रेस को देखते हुए लगता है कि दिसंबर में भी इस 4 लेन हाईवे का काम पूरा नहीं होगा और बल्कि हो सकता है इसमें अभी दो साल का वक्त और लग जाए।

मुरादाबाद-काशीपुर 4 लेन हाईवे से क्या फायदा होगा?

इस हाईवे के बन जाने के बाद काशीपुर, कॉर्बेट नगरी रामनगर, नैनीताल आदि आने-जाने वाले लोगों और पर्यटकों को बड़ी सहूलियत होगी। इससे कॉर्बेट में जंगल सफारी के लिए जाने वाले पर्यटकों का समय भी बचेगा और थकान भी कम होगी।

ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड रोड में क्या अंतर होता है?

सड़क निर्माण परियोजनाओं में दो रोड अलग-अलग मॉडल की होती हैं। इसमें ब्राउनफील्ड हिस्सा वह होता है, जहां पहले से मौजूद सड़क, हाईवे या बुनियादी ढांचे को चौड़ा करने, अपग्रेड करने या आधुनिक बनाने का काम किया जाता है। ब्राउनफील्ड हिस्से में जमीन अधिग्रहण कम होता है और लागत भी अपेक्षाकृत कम ही होती है। जबकि, ग्रीनफील्ड रोड पूरी तरह से नई जमीन पर शून्य से तैयार की जाती है। यानी ग्रीनफील्ड सड़क वहां बनाई जाती है, जहां पहले से कोई सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं होता है। इस मॉडल में बेहतर और आधुनिक डिजाइन, तेज रफ्तार और सीधे कनेक्टिविटी का लाभ मिलता है। हालांकि, इस मॉडल में जमीन अधिग्रहण सहित अन्य पेचीदगियां ज्यादा आती हैं और निर्माण लागत भी ज्यादा आती है।

हाईवे की प्रोग्रेस को लेकर सभी जानकारी इंफ्रा व्लॉगर मोहित कुमार के सोशल मीडिया हैंडल x.com/DetoxTravellerr से ली गई है। इनके सोशल मीडिया हैंडल से प्रोजेक्ट अपडेट की तस्वीरें भी साभार ली गई हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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