Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। कहीं भारी बारिश और भूस्खलन जानलेवा साबित हो रहे हैं, तो कहीं नदियां उफान पर होने से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। दक्षिण भारत के कर्नाटक और केरल में बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़े हादसों में कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पूर्वोत्तर राज्य असम में 1.78 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
कर्नाटक: पहाड़ी गिरने से परिवार के 3 सदस्यों की मौत, ट्रेन सेवाएं निलंबित
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार तड़के तीर्थहल्ली तालुक के इंदिरा नगर में भूस्खलन होने से एक शेड पर पहाड़ी का हिस्सा गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में सो रहे पति, पत्नी और 3 वर्षीय बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। वहीं, हासन जिले में सकलेशपुर के पास एडाकुमारी और श्रीबागिलु के बीच पटरियों पर मलबा आने से बेंगलुरु को मंगलुरु, कारवार, कोझिकोड और विजयपुरा से जोड़ने वाली 7 प्रमुख रेल सेवाओं को निलंबित करना पड़ा है। हालांकि, कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश से जलाशयों का जलस्तर सुधरा है, जिससे जल संकट की चिंता थोड़ी कम हुई है।
केरल: 8 लोगों की जान गई, 12 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'
केरल में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई है, 8 लापता हैं और 13 घायल हैं। राज्य भर में 27 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और 5,792 लोगों को 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। कन्नूर के अय्यनकुन्नू में सबसे ज्यादा 320 मिमी बारिश दर्ज की गई। बिगड़ते हालात को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 12 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। पत्तनमथिट्ठा और अरनमुला में राहत कार्यों के लिए NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
असम: स्थिति में मामूली सुधार, केंद्र ने जारी किए 379 करोड़
असम में बाढ़ से प्रभावितों की संख्या घटकर 1.78 लाख रह गई है, हालांकि प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। राज्य में अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने राज्य को मदद के रूप में SDRF के तहत 379.35 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
आंध्र प्रदेश और राजस्थान का हाल
आंध्र प्रदेश के भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर घटने से चेतावनी वापस ले ली गई है, लेकिन राजमुंदरी के पास दौलेश्वरम बैराज पर 14.6 लाख क्यूसेक पानी का भारी प्रवाह जारी है। प्रशासन ने लोगों को उफनते नालों और नदी में जाने से बचने की सख्त हिदायत दी है। उधर, राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। बीते 24 घंटों में राज्य के सलूंबर में सबसे अधिक 67.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
