मानसून भारत के लिए कितना जरूरी है यह तो आप सब जानते ही हैं। हमारे यहां फसल कितनी होगी और देश की विकास की रफ्तार क्या रहेगी, यह सब भी मानसून पर ही निर्भर करता है। मानसून में इस साल जमकर बारिश हुई। अच्छी बारिश के कारण इस साल देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों के चेहरे खिले रहे। हालांकि, कुछ राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान भी काफी झेलना पड़ा, जिससे जानमाल की हानि भी काफी हुई। इसी तरह देश के कुछ राज्यों में अच्छे मानसून के बावजूद सूखे जैसे हालात देखने को मिले। कुल मिलाकर इस साल मानसून के सीजन में 107 फीसद बारिश दर्ज की गई। समय से पहले आया मानसून, समय से पहले ही विदायी भी ले रहा है। चलिए जानते हैं इस साल के मानसून का लेखा जोखा।
केरल तट पर इस साल मानसून ने 24 मई को ही दस्तक दे दी थी। जबकि आमतौर पर मानसून के केरल तट पर पहुंचने का समय 1 जून है। समय से पहले देश में दस्तक देने वाला मानसून वापसी का रास्ता पकड़ चुका है। 14 सितंबर तक देश में सामान्य तौर पर 784.3 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल 840.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस तरह मानसून के सीजन में सामान्य से ज्यादा यानी 107 फीसद बारिश हुई है।
बारिश के लिए मशहूर लेकिन बूंदों को तरसे
देश में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में चेरापूंजी के पास मौसीनरम में होती है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश भी यहीं होती है। लेकिन इस साल मानसून मौसीनरम से रूठा हुआ है। मेघालय में इस साल अब तक 45 फीसद कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। आमतौर पर हर साल मेघालय में औसतन 2438 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल 1334 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड हुई है। राजस्थान, लद्दाख, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल सहित 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में इस साल औसत से ज्यादा बारिश हुई। छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र सहित 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में इस साल मानसून सामान्य रहा। जबकि मेघालय, बिहार सहित चार राज्यों में औसत के कम बारिश हुई।
विदायी से पहले यहां जमकर बरसेंगे बादल
मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। लेकिन कुछ राज्यों में विदायी से पहले फिर जमकर होगी मानसूनी बारिश। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। अगले 4 दिन जिन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, उनमें उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल राज्य शामिल हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों में पूरे सितंबर महीने में बारिश के आसार हैं।
अलविदा मानसून, तुम्हारा इंतजार रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से मानसून की विदायी हो गई है। इस बार मानसून ने तय समय से तीन दिन पहले ही राजस्थान से विदायी ले ली है। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। श्रींगगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से मानसून लौट चुका है। IMD के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान में बन रहे चक्रवाती सर्कुलेशन के चलते ऐसा हुआ है। पिछले 5 दिनों में पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा है।
पंजाब से भी मानसून की विदायी
मौसम विभाग के अनुसार इस साल भीषण बाढ़ से पीड़ित रहे पंजाब से भी मानसून के लौटने की घड़ी आ चुकी है। IMD के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून की विदायी हो जाएगी। इस बीच कल यानी रविवार 14 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, मंडी, कांगड़ा और पालमपुर में भारी बारिश दर्ज की गई है।
इसी हफ्ते दिल्ली को टा-टा-बाय-बाय करेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली से भी मानसून इस बार जल्दी विदायी लेगा। अनुमान है कि इस बार कम के कम 2 दिन पहले मानसून राजधानी दिल्ली को टा-टा-बाय-बाय करेगा। आमतौर पर दिल्ली से मानसून की विदायी की तय तारीख 25 सितंबर है, लेकिन पिछले 5 वर्षों से लगातार मानसून की विदायी देर से ही होती है। देश के अधिकांश हिस्सों में 15 अक्टूबर तक मानसून की पूरी तरह से विदायी हो जाएगी। हालांकि, दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में बारिश का दौर जारी रहेगा।
