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रामपुर के सरकारी अस्पताल में मचा हड़कंप; विधायक के साहबजादे ने किया निरीक्षण, CMO ने बताया प्रोटोकॉल के खिलाफ

रामपुर के स्वार सीएचसी में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे उमैर अंसारी निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंच गए। मामले को लेकर सीएमओ ने इसे प्रोटोकॉल के खिलाफ बताया है और जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।

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रामपुर के अस्पताल में विधायक के बेटे की एंट्री से मचा बवाल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Rampur News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब अपना दल (एस) के विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे उमैर अंसारी वहां निरीक्षण के लिए पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उमैर अंसारी सुरक्षा कर्मियों और पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण के दौरान सीएचसी प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर कर्मचारियों को निर्देश देने लगे।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रामपुर की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि अस्पताल निरीक्षण को लेकर एक दिन पहले विधायक का फोन आया था, लेकिन उनकी जगह पर उनके बेट पहुंच गए, जो निर्धारित प्रोटोकॉल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने साफ तौर से कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के परिजन द्वारा इस तरह निरीक्षण करना नियमों के तहत मान्य नहीं है। फिलहाल पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है।

विधायक शफीक अहमद अंसारी क्या कहा?

स्वार विधानसभा सीट से विधायक शफीक अहमद अंसारी हैं, जबकि उनकी पत्नी रेशमा परवीन स्वार नगर पालिका की चेयरमैन हैं। सीएचसी निरीक्षण को लेकर उठे विवाद पर जब विधायक शफीक अंसारी से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने बताया कि उस समय वह क्षेत्र से बाहर थे। उन्हें अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायतें मिली थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने बेटे को मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने के लिए भेजा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार बेटे का निरीक्षण के लिए जाना किसी भी तरह से गलत नहीं है।

चार पुलिसकर्मी और दो समर्थक भी थे साथ

बता दें कि, शनिवार सुबह करीब 11 बजे विधायक के बेटे उमैर स्वार स्थित सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ चार पुलिसकर्मी और दो समर्थक भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया, मरीजों से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी और कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर भी जांचा। इसके अलावा उन्होंने दवा वितरण व्यवस्था, लैब के संचालन और वहां मौजूद मशीनों की स्थिति का भी निरीक्षण किया।

डॉक्टरों से सवाल-जवाब कर दिए निर्देश

बाद में वह सीएचसी अधीक्षक के कार्यालय पहुंचे, जहां उनके पहुंचते ही प्रभारी डॉ. राजीव चंदेल अपनी कुर्सी से उठ गए और उमैर उसी कुर्सी पर बैठकर दस्तावेज देखने लगे। इस दौरान डॉ. चंदेल पास खड़े होकर उन्हें जानकारी देते नजर आए। उमैर ने प्रभारी और अन्य डॉक्टरों से सवाल-जवाब भी किए और सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और न ही जांच के लिए बाहर भेजा जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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