जमुई की पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर बिहार में सियासी घमासान तेज हो गया है। मीसा भारती (Misa Bharti) ने बिहार के CM सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग की है। राष्ट्रीय जनता दल की सांसद और लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती सचिवालय थाना पहुंची हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर मामला दर्ज कराया जाने को लेकर आवेदन लेकर सचिवालय थाना पहुंची है।
इनका आरोप है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जमुई पीड़िता और उनके परिजनों का पहचान उजागर किया है जो कानून का उल्लंघन है और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) का उल्लंघन, इनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
'जब तक पुलिस मामला दर्ज नहीं करेगी तब तक मैं थाने में ही रहूंगी'
मीसा का कहना है कि पुलिस ने मेरा आवेदन नहीं लिया है जब तक पुलिस मामला दर्ज नहीं करेगी तब तक मैं थाने में ही रहूंगी। उन्होंने कहा कि बिहार की हर बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए चाहे उसके साथ गलत करने वाला किसी जात किसी धर्म का हो अब जात धर्म की राजनीति बिहार में नहीं चलेगी। मीसा ने आगे कहा कि जब तक मेरा आवेदन नहीं लिया जाता मामला दर्ज नहीं किया जाता तब तक मैं यहीं रहूंगी।
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एक MP जब केस दर्ज नहीं करवा सकती तो आम नागरिक की क्या बिसात?
मीसा भारती ने कहा- एक CM पर POCSO और Juvenile Justice Act में केस दर्ज नहीं हो सकता? बच्चियों की सुरक्षा का यही महत्व है?एक MP जब केस दर्ज नहीं करवा सकती तो आम नागरिक की क्या बिसात? बच्चियों, महिलाओं के विरुद्ध निरंतर अपराध हो रहे हैं और सरकार गंभीर होने के बजाय राजनीति में व्यस्त है?
इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है
इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है..मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सचिवालय थाना की सब-इंस्पेक्टर ने खुद प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामला जमुई की उस नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने से जुड़ा है..शिकायत के मुताबिक, 19 सितंबर को जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना हुई थी, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जमुई पुलिस ने कार्रवाई की थी..अब आरोप है कि 25 सितंबर को पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की गई, जिसके बाद यह पोस्ट दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल हो गया..शिकायत में कहा गया है कि तस्वीर वायरल होने से नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने और उसके परिवार की निजता एवं गरिमा प्रभावित होने की स्थिति पैदा हुई।
पोस्ट को प्रसारित करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इसी मामले में CMO कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद और पोस्ट को प्रसारित करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है..इसके बाद सचिवालय थाना पुलिस ने केस नंबर 200/26 दर्ज किया है..FIR में BNS की धारा 73, POCSO Act की धारा 23 और IT Act की धारा 66E/67 लगाई गई है,मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सीमा कुमारी को दी गई है।
अब पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है
जिस मामले को लेकर मीसा भारती सचिवालय थाना पहुंचीं और FIR दर्ज कराने की मांग की उसी मामले में अब पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है..अब जांच का फोकस इस बात पर है कि तस्वीर सोशल मीडिया पर किसने पोस्ट की, किस अकाउंट से पोस्ट हुई और इसे आगे वायरल करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
